प्रधानमंत्री रणनीति स्पष्ट करें: भाजपा

भारतीय सेना

छत्तीसगढ़ में माओवादियों के ताज़ा हमले के बाद मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि प्रधानमंत्री सरकार की माओवादियों के ख़िलाफ़ रणनीति पर रुख़ स्पष्ट करें.

हाल में दंतेवाड़ा में हुए ताज़ा माओवादी हमले में 30 से अधिक लोग मारे गए थे और अनेक अन्य घायल हुए थे.

इसके बाद एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि वे केंद्रिय कैबिनेट की ओर से मिले लिमेटिड मैन्डेट यानी सीमित आदेश को लागू कर रहे हैं और अब वे इसकी दोबारा समीक्षा के लिए कैबिनेट के पास जाने की ज़रूरत है.

भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि सरकार महसूस करती है कि इस जंग में हवाई निरीक्षण की ज़रूरत है तो भाजपा इसका समर्थन करेगी.

उधर माओवादियों के ख़िलाफ़ हवाई हमलों की संभावना पर सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो लोग ऐसी बातें कर रहे हैं उन्हें दंतेवाड़ा के इलाक़े के बारे में नहीं पता है. उन्होंने ये भी कहा कि उस क्षेत्र में लोगों के दिल जीतने होंगे.

उधर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा, "ये बहस का मुद्दा नहीं है.....यह उन लोगों को तय करना है कि हवाई शक्ति का इस्तेमान किया जाए या नहीं जो ज़मीन पर स्थिति का सामना कर रहे हैं."

'विवाद से जंग कमज़ोर'

भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता अरुण जेटली का कहना था, "गृह मंत्री का ये कहना कि सीमित आदेश है, इसके पीछे तर्क क्या है? ये गंभीर चिंता का विषय है कि पूरा प्रमुख विपक्ष सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार है, लेकिन वैचारिक और रणनीति के मतभेद कांग्रेस और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के भीतर ही हैं."

उनका कहना था कि ये विवाद माओवादियों के ख़िलाफ़ लड़ाई को कमज़ोर कर रहा है और इसमें यूपीए के राष्ट्रीय स्तर के नेता भाग ले रहे हैं.

उनका कहना था, "ये बहस अब समाप्त होनी चाहिए....प्रधानमंत्री स्पष्टीकरण दें कि माओवादियों के ख़िलाफ़ रणनीति पर उनका रुख़ क्या है? इस देश के सुरक्षाबल, गृह मंत्रालय अपने के कमज़ोर क्यों पा रहे हैं. इस संदर्भ में आधी लड़ाई चलेगी या फिर पूरी शक्ति के साथ 'करो या मरो' की लड़ाई होगी..वे स्पष्ट करें."

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