वयस्क मृतकों के लिए दस लाख का मुआवजा़

Image caption घटनास्थल से सभी शवों को बरामद कर लिया गया है.

एयर इंडिया ने मैंगलोर विमान हादसे में मारे गए सभी वयस्कों के लिए 10 लाख रुपए के अंतरिम मुआवज़े का एलान किया है. साथ ही उन्होंने कहा है कि सभी शव बरामद कर लिए गए हैं और 128 शव परिवारजनों को सौंप दिए गए हैं.

रविवार शाम एक संवाददाता सम्मेलन में एयर इंडिया के चीफ़ मैनेजिंग डायरेक्टर अरविंद जाधव ने बताया कि 158 शवों में से बारह की पहचान नहीं हो पाई है और 18 पर पोस्टमॉर्टम का काम चल रहा है.

उन्होने बताया कि एयर इंडिया और इंश्योरेंस कंपनियों के बीच इस बात की सहमति हो गई है कि मारे गए हर वयस्क के लिए दस लाख रुपए का अंतरिम मुआवज़ा दिया जाए, बारह साल से कम उम्र के मृतक के परिवारवालों को पांच लाख रुपए और घायलों को दो लाख रुपए.

उन्होंने कहा, “ये मुआवज़ा फ़ौरन दिया जाएगा और फिर आगे की कागज़ी कार्रवाई के बाद अंतिम मुआवज़े का एलान होगा.”

इसमें मारे गए व्यक्ति की राष्ट्रीयता, उनका व्यवसाय और कई अन्य बातों को ध्यान में रखा जाएगा.

ये मुआवाज़ा प्रधानमंत्री की ओर से घोषित दो लाख के मुआवज़े के अलावा होगा.

दुर्घटना

Image caption लाशों की शिनाख़्त में काफ़ी मुश्किलें आई हैं.

इस विमान में चालक दल के छह सदस्यों समेत 166 लोग सवार थे. इनमें से 158 लोगों की मौत हो गई है, लेकिन आठ लोग ज़िंदा बच गए हैं. इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है.

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने शनिवार को घटनास्थल का दौरा किया था और विमान हादसे की नैतिक ज़िम्मेदारी ली थी.

प्रफुल्ल पटेल ने दिल्ली लौटकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया.

पत्रकारों से बातचीत में प्रफुल्ल पटेल ने घटना की नैतिक ज़िम्मेदारी ली थी और कहा था, "मैं मैंगलोर विमान हादसे से काफ़ी दुखी हूँ. मुझे इतनी बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने का भारी दुख है."

मैंगलोर में हुए विमान हादसे की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं.

अमरीका स्थित नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ़्टी बोर्ड के अधिकारी और बोइंग की टीम विमान हादसे की जाँच में मदद के लिए भारत पहुँच रही है.

प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि शुरुआती जाँच से यही लगता है कि रनवे को लेकर कोई समस्या नहीं थी.

उन्होंने बताया कि सर्बिया के ज़ेड ग्लूसिका इस विमान के पायलट थे और काफ़ी अनुभवी थे. उनके सह पायलट एचएस अहलूवालिया को भी अच्छा अनुभव था.

उन्होंने स्पष्ट किया कि चार साल पुराना मैंगलोर रनवे पूरी तरह सुरक्षित है.

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