सोरेन को 31 मई तक का समय

रघुवर दास, अर्जुन मुंडा
Image caption भाजपा नेता शिबू सोरेन के हाल के बयानों से नाराज़ हैं

झारखंड के राज्यपाल ने शिबू सोरेन को 31 मई तक बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है.

सोमवार दोपहर को भाजपा के समर्थन वापसी की घोषणा के बाद से सोरेन सरकार अल्पमत में आ गई है. उसके बाद राज्यपाल ने शिबू सोरेन को मिलने के लिए बुलाया था.

राजभवन के पास खड़े पत्रकारों से सोरेन ने तो कोई बात नहीं की लेकिन उनके पुत्र हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी के पास सारे विकल्प खुले हैं .

हेमंत सोरेन ने कहा कि किसी और के साथ मिलकर बहुमत साबित करने की कोशिश की जाएगी या अंत में पार्टी चुनाव में जाना चाहेगी इसका फ़ैसला पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं से विचार विमर्श के बाद किया जाएगा.

समर्थन वापसी

सोमवार को 12 बजे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री रघुबर दास के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल एमओएच फ़ारूक़ से मुलाक़ात कर उन्हें शिबू सोरेन सरकार से समर्थन वापसी की चिठ्टी सौंप दी थी.

राजभवन से बाहर बीबीसी से बातचीत के दौरान रघुबर दास ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा को गठबंधन धर्म निभाना नहीं आता.

वरिष्ठ भाजपा नेता अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और उनकी पार्टी के कई नेता बार बार बयान बदल रहे हैं लिहाजा राज्य में पिछले कई दिनों से जारी स्थिरता को देखते हुए भाजपा ने शिबू सोरेन सरकार से समर्थन वापस ले लिया है.

अर्जुन मुंडा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब राज्य में विधायकों के ख़रीद फ़रोख़्त को बढ़ावा देगी.

उन्होंने कहा कि दिल्ली से सटे गुड़गांव में रह रहे झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक कांग्रेस के शह पर ही ऐसा कर रहे थे.

ग़ौरतलब है कि झामुमो के कुछ विधायक पिछले कुछ दिनों से गुड़गांव में रह रहे हैं लेकिन रविवार की देर रात सारे विधायक रांची पहुंच गए.

इससे पहले 18 मई को भाजपा और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में एलान किया था कि 25 मई को अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में नई गठबंधन सरकार बनेगी.

साझा कार्यक्रम के अनुसार 28-28 महीने के लिए दोनों पार्टी के मुख्यमंत्री होंगे. पहले अर्जुन मुंडा को मुख्यमंत्री बनना था बाद में झामुमो की तरफ़ से कोई मुख्यमंत्री बनता.

लेकिन इस एलान के बाद से ही कभी शिबू सोरेन ख़ुद और कभी उनके विधायक या कोई नेता इस संबंध में अलग अलग बयान दे रहे थे.

खींचतान

शनिवार को बोकारो में सोरेन ने यह कह दिया कि वे राज्य में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के भी संपर्क में हैं.

उधर राजधानी रांची में शिबू सोरेन के पुत्र और विधायक हेमंत सोरेन ने भी कह दिया कि उनकी पार्टी कांग्रेस से भी बातचीत कर रही हैं.

ज़ाहिर है इससे भाजपा काफ़ी आहत हुई और भाजपा के पास समर्थन वापसी के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा था.

हालांकि आख़िर तक भाजपा ने गठबंधन बचाने की पूरी कोशिश की.

राज्यपाल से मिलने से ठीक पहले अर्जुन मुंडा ने हेमंत सोरेन से मुलाक़ात की और लगभग एक घंटे तक बातचीत की लेकिन फिर भी बात नहीं बनी.

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