चीन के रुख़ में कुछ बदलाव

प्रतिभा पाटिल और हू जिंताओ
Image caption भारत काफ़ी समय से चीन से समर्थन माँग रहा है

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थाई सीट दिए जाने के बारे में चीन ने अपने रुख़ में थोड़ा परिवर्तन करते हुए कहा है कि वह भारत के दावे पर चर्चा करने को तैयार है.

चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने यह आश्वासन भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को दिया है.

जैसा कि भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव ने पत्रकारों को बताया, चीन के रुख़ में इस परिवर्तन को भारत एक अहम परिवर्तन के रुप में देख रहा है.

प्रतिभा पाटिल बुधवार से चीन की छह दिनों की यात्रा पर हैं.

भारत पिछले कुछ बरसों से सुरक्षा परिषद का विस्तार करके उसमें स्थाई सदस्यता की माँग कर रहा है. चीन सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्यों में से है जिसे वीटो पॉवर हासिल है. इसलिए भारत के लिए अपने पड़ोसी देश चीन का समर्थन बहुत मायने रखता है.

परिवर्तन

प्रतिभा पाटिल ने चीन के प्रधानमंत्री वेन जिया बाओ और राष्ट्रपति हू जिंताओ दोनों से मुलाक़ात की.

Image caption प्रतिभा पाटिल ने सीमा समस्या पर भी चर्चा की है

अधिकारियों के अनुसार दोनों मुलाक़ातों में प्रतिभा पाटिल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता की भारत की दावेदारी के लिए चीन का समर्थन माँगा.

पिछले महीने जब विदेश मंत्री एसएम कृष्णा चीन की यात्रा पर गए थे तो उन्होंने भी इसके लिए चीन से समर्थन माँगा था.

अधिकारियों के अनुसार चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने आश्वासन दिया है कि वह सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता की दावेदारी पर चर्चा करने को तैयार है.

हू जिंताओ ने कहा है कि वह इस पर भी अफ़्रीकी देशों और दूसरे देशों से चर्चा करेगा कि इस दावेदारी के लिए कैसे समर्थन जुटाया जा सकता है.

चीन में रुख़ में आए इस परिवर्तन को एक बड़ा परिवर्तन मानते हुए विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा, "हमारा आकलन है कि संयुक्त राष्ट्र में भारत की दावेदारी का समर्थन करने में सिर्फ़ कूटनीति नहीं कर रहा है. वह हमारी बात गंभीरता से सुन रहा है और कह रहा है कि सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता की हमारी माँग वैध है."

भारत-चीन संबंधों के साठ बरस होने के अवसर पर हो रही इस मुलाक़ात में दोनों देशों के नेताओं ने बेहतर राजनयिक संबंधों की ज़रुरत पर बल दिया.

प्रतिभा पाटिल की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच बेहतर आर्थिक और व्यावसायिक संबंधों पर भी चर्चा होनी है.

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