सौ से अधिक मारे गए, आरोप-प्रत्यारोप शुरु

पश्चिम बंगाल में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के 13 डिब्बों के पटरी से उतर जाने की घटना में मारे गए लोगों की संख्या सौ से अधिक हो गई है और 149 लोग इस घटना में घायल हुए हैं.

राज्य के मिदनापुर इलाक़े में पटरी से फ़िशप्लेट निकाले जाने से हावड़ा से मुंबई जा रही ट्रेन पटरी से उतर गई और दूसरी रेल लाइन पर आ रही एक मालगाड़ी उतरे हुए डिब्बों में जा टकराई. राहतकर्मियों ने घटनास्थल से 78 शव निकाल लिए हैं लेकिन 30 शव अब भी रेलगाड़ी में फँसे हुए हैं.

पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने इसे माओवादियों की कार्रवाई बताया है. लेकिन माओवादियों के एक प्रवक्ता ने इसका साफ़ खंडन किया है.

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भूपेंद्र सिंह के अनुसार, "यह काम माओवादियों ने किया है. और हमे यहाँ दो पोस्टर मिले है जिनमे पीसीपीए ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. हम समझते है कि पीसीपीए और माओवादी एक ही है. इसके अलावा जो भी हमारे पास खबरें आ रही है, उससे पता चल रहा है कि यह काम माओवादियों ने किया है".

उधर राजनीतिक नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने शुरु कर दिए हैं.

त्रिणमूल कांग्रेस नेता और रेल मंत्री ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता, केंद्र में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी और केंद्र में सत्ता में मौजूद कांग्रेस पार्टी, सभी एक दूसरे के रुख़ में खामियाँ ढूँढ़ने में लगे हुए हैं.

ममता, केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार

पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने विपक्षी दल त्रिणमूल कांग्रेस की नेता और रेल मंत्री ममता बनर्जी को निशाना बनाया है.

वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि ममता बनर्जी तो ये कहती आई हैं कि राज्य में माओवादी हैं ही नहीं. सीपीएम के राज्य सचिव बिमन बोस ने कहा कि रेल मंत्री को ज़िम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए.

उनका कहना था कि माओवादियों ने उस इलाक़े में रेलवे लाइन को पहले भी निशाना बनाया है इसलिए रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता अधिक होनी चाहिए थी.

उधर ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को इस पूरे घटना की जाँच किसी केंद्रीय एजेंसी से करानी चाहिए. उनका कहना था कि राज्य सरकार की जाँच से बात नहीं बनेगी.

कांग्रेस ने भी पूरे मामले की विस्तृत जाँच की माँग की है.

हेल्पलाइन नंबर खड़गपुर--0322) 255751 और 255735, हावड़ा---(033) 26382217, टाटानगर----(0657) 2290324, 2290074, 2290382,राउरकेला---(0661) 2511155, चक्रधरपुर---(06587) 238072 झारसुगुडा----(06445) 270977

दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कहा है कि केंद्र सरकार में नक्सलियों से लड़ने की इच्छाशक्ति का अभाव है.

पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद का कहना था कि केंद्र माओवादियों से लड़ने की रणनीति के बारे में रुख़ स्पष्ट करे और इससे जुड़े विभिन्न विवादों को विराम दे. वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी केंद्र सरकार की इच्छाशक्ति के अभाव की बात कही.

'धमाके की आवाज़ सुनी गई'

उधर राज्य के पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने कहा, "रेल ड्राइवर का कहना है कि जब गाडी 11 नंबर और 13 नंबर खंबे के बीच से गुज़र रही थी तो उस वक़्त उसे धमाके की आवाज़ सुनाई दी थी. इसके बाद कंपन हुआ और गाड़ी पटरी से उतर गई. एक मिनट बाद ही दूसरी दिशा से आ रही मालगाडी पटरी से उतरी रेलगाड़ी से टकरा गई".

रेलवे पुलिस के अधिकारी दिलीप मित्रा ने बताया कि आधी रात के थोड़ी ही देर बाद यात्रियों को मुंबई ले जा रही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के डिब्बे पश्चिम मिदनापुर ज़िले के सरडीहा स्टेशन के क़रीब पटरी से उतर गए और दूसरी ओर से आ रही मालगाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी.

जहाँ राहतकर्मियों ने अनेक शवों को निकाल लिया है वहीँ अब भी कुछ शव टूटी हुई बोगियों में फंसे हैं.

तोड़फोड़ की कार्रवाई है: चिदंबरम

यह क्षेत्र माओवादियों का गढ़ माना जाता है. उन्होंने 28 मई से दो जून तक चलने वाले सप्ताह को काला सप्ताह के रूप में मनाने का आहवान किया हुआ है.

तेज़ हुए हमले

रेल मंत्री ममता बनर्जी वायुसेना के हेलीकॉप्टर से घटनास्थल पहुँचीं और मृतकों के परिवारों को पाँच लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपये के मुआवज़े का भी ऐलान किया.

हाल के महीनों में माओवादी विद्रोहियों ने सरकार के उन्हें उनके जंगलों में स्थित ठिकानों से बाहर निकालने के अभियान के जवाब में हमले तेज़ कर दिए हैं.

उन्होंने पुलिस, सरकारी इमारतों और रेलवे स्टेशनों जैसे मूल ढाँचों पर कई बार हमले किए हैं. इस महीने के शुरु में उन्होंने छत्तीसगढ़ में एक बस को उड़ा दिया था जिसमें 35 लोगों की जान गई थी.

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