'टॉप किल' रिसाव रोकने में असफ़ल

टॉप किल
Image caption 'टॉप किल' तकनीक भी नहीं रोक पाई तेल का रिसाव.

तेल कंपनी बीपी ने कहा है कि मैक्सिको की खाड़ी में तेल रिसाव को रोकने की नई तकनीक 'टॉप किल' अपने मक़सद में असफल हो गई है.

'टॉप किल' तकनीक से रिसाव स्थल को गिली मिट्टी और मलबे से बंद करने की कोशिश की गई थी.

इस तकनीक से जुड़े बीपी के मुख्य अधिकारी डग सटल्स ने बताया कि पूरे तीन दिनों तक 'टॉप किल' के प्रयास के बाद भी कुएँ से जारी तेल का रिसाव नहीं रुका है.

सटल्स ने कहा, "इसे रोकने के कई प्रयास किए. हर कोशिश के बाद हमने उसका मूल्यांकन किया लेकिन रिसाव को नहीं रोक पाए और काफ़ी सोच विचार के बाद हमने कोई दूसरा उपाय ढूंढने का फ़ैसला किया है."

नई तकनीक के तहत पाइप को काटकर उसके ऊपर एक कुप्पी लगाई जाएगी. ये कुप्पी एक ज़हाज़ से जुड़ी होगी जिसमें रिस रहे तेल को जमा किया जाएगा.

इस प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग चार दिन लगेंगे. बीपी के अधिकारियों का मानना है कि अगर ये तकनीक सफ़ल होती है तब भी समुद्र में रिस रहे सारे तेल को नहीं रोका जा सकता है.

अमरीका के इतिहास में शायद अब तक के सबसे भयानक तेल रिसाव की शुरूआत अप्रैल में मेक्सिको की खाड़ी में बीपी के तेल कुएँ में आग लगने से हुई थी.

आग लगने के बाद वहाँ विस्फोट हुआ था और तब से तेल रिसाव हो रहा है. इसमें 11 लोग मारे गए थे और लाखों गैलन तेल समुद्र में फैल गया है.

तेल कुएँ पर लोहे की भारी-भरकम कुप्पी डालने समेत तेल रिसाव रोकने या सीमित करने के बीपी के अब तक के सारे प्रयास नाकाम रहे थे.

तब एक महीने से भी ज़्यादा समय से जारी तेल रिसाव को बंद करने की एक नई तकनीक शुरु की गई जिसे 'टॉप किल' का नाम दिया गया था लेकिन वो भी तेल रिसाव को नहीं रोक सकी.

क्या है टॉप किल

Image caption तेल रिसाव की शुरूआत अप्रैल में मेक्सिको की खाड़ी में बीपी के तेल कुएँ में आग लगने से हुई थी.

टॉप किल योजना के तहत समुद्र में रोज़ कम-से-कम आठ लाख लीटर तेल फेंक रहे तेल के कुएँ में कीचड़ और रसायनों का एक मिश्रण डाला जा रहा था जिसे 'ड्रिलिंग मड' कहा जाता है.

अगर कुएँ के मुँह में ड्रिलिंग मड भरने में सफलता मिलती तो बाद में उसके ऊपर कॉंक्रीट की ढलाई करने की योजना थी.

सतह से डेढ़ किलोमीटर नीचे समुद्र तल में स्थित कुएँ में ड्रिलिंग मड भरने का काम आसान नहीं था.

समुद्र की इतनी गहराई में टॉप किल प्रक्रिया इससे पहले कभी नहीं अपनाई गई थी, इसलिए कई विशेषज्ञ इसकी सफलता की संभावना पहले से ही सिर्फ़ 50 प्रतिशत ही मान रहे थे.

ओबामा की चिंता

Image caption तेल रिसाव को रोकने में लगातार हो रही असफ़लता पर राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दुख और नाराज़गी जताई है.

तेल रिसाव को रोकने में लगातार हो रही असफ़लता पर राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दुख और नाराज़गी जताई है.

ये मुद्दा ओबामा के लिए बहुत नुकसानदेह हो सकता है लेकिन ये हालात ऐसे हैं जिस पर शायद ओबामा का कोई नियंत्रण है.

कुछ दिन पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी किया था. दौरे के बाद ओबामा ने कहा था कि प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर मुमकिन कदम उठाए जाएँगे और जिन तटीय इलाक़ों में तेल रिसाव हुआ है या वहाँ फैल सकता है वहाँ तीन गुना ज़्यादा कर्मचारी तैनात किए जाएंगे.

इसके अलावा अतिरिक्त कर्मचारी तेल रिसाव से प्रभावित बीच की सफ़ाई करेंगे और इससे प्रभावित पशुओं और पक्षियों की निगरानी करेंगे.

इस बीच कोस्ट गार्ड के रियर एडमीरल मेरी लैंड्री नें आशंका जताई है कि पहले से ख़राब स्थिति मौसम के कारण और भी गंभीर हो सकती है.

उधर लुईज़ियाना के तटीय क्षेत्रों में लोगों का ग़ुस्सा बढ़ता जा रहा है क्योंकि उनकी ज़मीन और रोज़ी रोटी का साधन ख़त्म हो रहा है. तेल की परत जमने से मछली उद्योग को ख़तरा पैदा हो गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल रिसाव को रोकने का एकमात्र रास्ता दूसरा कुआं खोदना है लेकिन ये अगस्त से पहले संभव नहीं है और अगर उससे पहले तेल रिसाव को रोकने का कोई तरीक़ा नहीं ढूंढा जा सका तो पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और राजनीति पर इसके गंभीर परिणाम होंगे.

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