पुख़्ता सबूत मिले, माओवादियों का हाथ: पुलिस प्रमुख

मिदनापुर रेल हादसा

पश्चिम बंगाल के पुलिस प्रमुख और ख़ुफ़िया एजेंसियों ने कहा है कि राज्य में हाल में रेल लाइन से हुई तोड़फोड़ की घटना में माओवादियों का हाथ होने के 'पुख़्ता सबूत' मिल गए हैं.

इस घटना में मारे गए लोगों की संख्या 140 से बढ़ गई है जबकि 250 लोग घायल हैं.

ग़ौरतलब है कि माओवादियों ने इस घटना में अपना हाथ होने से साफ़ इनकार किया है.

गुरुवार देर रात मिदनापुर इलाक़े में रेल लाइन का कुछ हिस्सा कटा होने के कारण हावड़ा से मुंबई जा रही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. दूसरी लाइन पर आ रही मालगाड़ी फिर पटरी से उतरे डिब्बों में टकरा गई थी और ये हादसा हुआ था.

अभी भी कुछ शव एक डिब्बे में फँसे हुए हैं.

'बंदूक की नोक पर'

पश्चिम बंगाल के पुलिस प्रमुक भूपेंद्र सिंह के अनुसार, "माओवादियों के एक दल ने बंदूक की नोक पर एक लाइन मैन को उस पैंडरॉल क्लिप को खोलने को कहा जिससे पटरी बंधी रहती है. दूसरी ओर माओवादियों के एक अन्य दल ने मालगाड़ी के ड्राइवर को उस ओर चलने को मजबूर किया जिसके कारण ये टक्कर हुई."

पुलिस का कहना है कि उसकी जाँच से ये सामने आया है कि कॉमरेड उमाकांत के नाम से जाने जाते एक व्यक्ति ने रेलवे के लाइन मैन दायाराम महतो को बंदूक की नोक पर उसके घर से जबरन ले जाकर पैंडरॉल क्लिप खुलवाया था.

पुलिस के अनुसार इसी तरह बापी के नाम से जाने जाते एक माओवादी ने ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस को आता देखकर मालगाड़ी के ड्राइवर को आगे बढ़ने को मजबूर किया था.

पुलिस प्रमुख भूपेंद्र सिंह के अनुसार यह 'नरसंहार करने का एक घिनौना षड्यंत्र था.'

एक केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न देने की शर्त पर यही बात बताई और कहा कि उनकी जाँच से भी माओवादियों का हाथ होने की पुष्टि हुई है.

जन-अदालत बिठाएँगे, दंड देंगे:माओवादी

लेकिन शनिवार को रेलवे अधिकारियों ने जो प्राथमिकी दर्ज कराई है उसमें माओवादियों का नाम नहीं है.

शनिवार को ही माओवादियों के प्रवक्ता आकाश ने बीबीसी को बताया कि पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी मार्क्सवादी उस करतूत के लिए ज़िम्मेदार हैं जिसके कारण मालगाड़ी ट्रेन और दूसरी ट्रेन के डिब्बों में टक्कर हुई.

ख़ुद को कॉमरेड आकाश बताने वाले माओवादी प्रवक्ता ने फ़ोन पर कहा, "इन्होंने ख़ुद ये किया है ताकि इसके लिए हमें दोषी ठहरा सकें और लोग हमारी मंशा पर शक़ करने लगें. माओवादी इस पूरे मामले में जाने-माने नागरिकों और बुद्धिजीवियों के ज़रिए एक सार्वजनिक जाँच कराएँगे और असली दोषियों के ख़िलाफ़ जन-अदालत में मुकदमा चलाकर उन्हें दंड देंगे."

रेल मंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी राज्य में सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को ज़िम्मेदार ठहराया है.

ग़ौरतलब है कि राज्य में विपक्षी तृणमूल सीपीएम को अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में कड़ी टक्कर दे रही है.

तृणमूल नेता शिशिर अधिकारी का कहना था, "आप समझ सकते हैं कि इससे किसे फ़ायदा होने वाला है...मार्क्सवादियों को."

उधर सीपीएम ने इसका खंडन किया है.

राज्य सरकार में वरिष्ठ मंत्री मानब मोखोपाध्याय का कहना था, "यदि वे ऐसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो उन्हें इसके बारे में पुख़्ता सबूत पेश करने चाहिए. इनके पास ऐसा कुछ नहीं है. तृणमूल माओवादियों का बचाव कर रही है क्योंकि उसका उनके साथ गुप्त समझौता है."

रविवार को कोलकाता में स्थानीय चुनावों में ट्रेन हादसा बड़ा मुद्दा बन गया है.

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