हमले के पीछे माओवादी संभव: चिदंबरम

गृह मंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि पश्चिम बंगाल में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पर हमले में संदेह की सुई भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादियों और उनके सहयोगी संगठनों पर है.

चिदंबरम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,''इस घटना के पीछे प्रतिबंधित संगठन सीपीआई-माओवादी या फिर उससे संबंधित संगठनों का हाथ हो सकता है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद किसी संगठन का नाम सामने आ सकेगा.''

गृहमंत्री ने कहा, "इस घटना की सीबीआई जाँच कराने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की राय मांगी गई है. हमें पश्चिम बंगाल सरकार के जवाब का इंतज़ार है.''

चिदंबरम ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में माओवादियों ने कई हमले किए हैं और उन्होंने इन हमलों को एक के बाद एक गिनाया.

ग़ौरतलब है कि ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पश्चिमी मिदनापुर के पास पटरी से उतर गई थी और उसके बाद उससे मालगाड़ी टकरा गई थी. इस दुर्घटना में 140 से अधिक लोगों की मौत गई थी.

पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि पटरी तोड़ दिए जाने के कारण ये दुर्घटना हुई जबकि रेल मंत्रालय का कहना है कि दुर्घटना एक धमाके के कारण हुई.

चिदंबरम का कहना था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया है कि विस्फोटकों के निशान नहीं मिले हैं और ऐसा लगता है कि पटरी हटा दी गई थी.

झारखंड के मामले में गृह मंत्री का कहना था कि उन्हें जल्द ही राज्यपाल की रिपोर्ट मिल जाएगी.

श्री श्री रविशंकर

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें मौखिक रिपोर्ट मिली है कि जब श्री श्री रविशंकर जब घटनास्थल से चले गए थे, उसके बाद गोली चली थी.

उनका कहना था कि उन्हें इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार है.

ग़ौरतलब है कि इसके पहले ऐसी ख़बरें आईं थीं कि धार्मिक गुरू और आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के काफ़िले पर एक अज्ञात बंदूकधारी ने गोली चलाई थी.

उनके आश्रम की प्रवक्ता ने बताया था कि एक भक्त मामूली रूप से घायल हुआ था और गोली उसके जांघों को छीलती हुई निकल गई थी.

श्री श्री रविशंकर के भक्त भारत और विदेशों में भी हैं.

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