आम लोग माओवादियों के निशाने पर?

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20.28 IST: आज के इस कार्यक्रम में बस इतना ही. रूपा झा को अनुमति दीजिए. अगली बार फिर मुलाक़ात होगी, नमस्कार

20.27 IST: बीबीसी संवाददाता सलमान रावी कहते हैं कि आज सरकार ने जो पेशकश है वो सकारात्मक कदम है. सरकार को लोगों का विश्वास जीतना होगा, सलमा जुडूम जैसे अभियानों से कुछ नहीं होगा.

20.26 IST: रोहतक से देशबुंध कहते हैं कि माओवादी एक ख़ास विचारधारा से जुड़े हुए लोग हैं, पहले ये सरकार के ख़िलाफ़ काम करते थे. पर इनके पास हथियार कहाँ से आए. दरअसल बड़े शहरों का तो विकास हो गया पर छोटे शहरों का नहीं

20.24 IST: रविंदर का तर्क है कि माओवादी सेना का सामना नहीं कर पाएँगे लेकिन ये मसले का हल नहीं होगा

20.24 IST: दुर्गेश दिल्ली से शामिल हुए हैं. उनका कहना है कि माओवादियों को लगता है कि उन्हें हिंसा के अलावा कुछ करना ही नहीं है.

20.22 IST: सलमान रावी कहते हैं कि माओवादी योजनाओं से पैसा एंठते हैं. लेकिन लोगों की सरकार के पास सुनवाई नहीं है इसलिए वे माओवादियों के पास जाते हैं.

20.21 IST: राजस्थान से दशरत सिंह का मानना है कि नक्सलवाद एक तरह का आंतकवाद है. माओवादी कह चुके हैं कि वे 2025 तक भारत पर कब्ज़ा कर लेंगे. ये लोग पैसा लेते हैं पर ग़रीबों के लिए नहीं.

20.20 IST: माओवादियों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई के मुद्दे पर एक श्रोता कहते हैं कि ये सही क़दम नहीं होगा.

20.19 IST: रूड़की से मनोज का मानना है कि माओवादी भटक गए हैं. हिंसा का कोई तुक नहीं है. ये अगर हिंसा का सहारा लेंगे तो घाटे में रहेंगे.

20.18 IST: बिहार से दविंदर कहते हैं कि माओवादियों की भारतीय संविधान में कोई विश्वास नहीं है.वे चाहते हैं कि वो जो मन में आए वो कर सकें.

20.17 IST: एक पाठक ने एसएमएस के ज़रिए लिखते हैं कि माओवादियों से सख़्ती से निपटना चाहिए

20.17 IST: एक पाठक लिखते हैं कि आम लोगों को बख़्श देना चाहिए. सरकार से बात करो

20.16 IST: विषय चल रही है कि क्या माओवादी अब आम लोगों को निशाना बना रहे हैं?

20.15 IST:सलमान रावी का मानना है कि जो कुछ भी हो रहा है कि वो लोकतंत्र की विफलता है.

20.13 IST: लक्ष्मी कांत चिंटू यादव की बात का जवाब देते हुए कहते हैं कि जब भी कोई बड़ा आंदोलन होता है तो आम लोगों को क़ुर्बानी देनी पड़ती है.

20.12 IST: चिंटू कहते हैं कि कोई नेता पूछने नहीं आते हैं

20.11 IST: चिंटू यादव माओवादी प्रभावित इलाक़े में रहते हैं. पिछले छह महीने से माओवादी हमें धमकाते हैं कि अगर बात नहीं मानी तो मार देंगे. पुलिस वाले भी धमाकते हैं.

20.10 IST: लक्ष्मी कांत बीबीसी के नियमित श्रोता है. उनका कहना है कि माओवादियों पर ये ग़लत आरोप है कि वे आम लोगों को निशाना बनाते हैं.

20.09 IST: सलमान रावी कहते हैं कि कई इलाक़ों में विकास पहुँचा ही नहीं है

20.08 IST: सलमान रावी कहते हैं कि 70 के दशक में नक्सलबाड़ी आंदोलन विफल कर दिया गया था. लेकिन अब जब ये दोबारा पनपा है तो इसे ख़त्म करना मुश्किल हो गया है.

20.07 IST: बीबीसी संवादताता सलमान रावी कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं.

20.06 IST: अल्ताफ़ ने फ़ोन किया है. उनका कहना है किमाओवादियों को समझ में नहीं आ रहा कि वे क्या कर रहे हैं.

20.05 IST: राम भजन और क्रांति आपस में सवाल-जवाब कर रहे हैं. क्रांति का तर्क है कि हिंसा में जो लोग मारे गए वो किसी न किसी के रिश्तेदार हैं.

20.03 IST: क्रांति मिश्र का कहना है कि अगर किसी भी ऐसे काम में ख़ून खराबा हो तो ये ग़लत है

20.00 IST: राम भजन पूर्व सैनिक हैं. बहस शुरु करते हुए वे कहते हैं कि सरकार ख़ुद ही नहीं चाहते कि मुद्दे का हल निकले. माओवादी तो भ्रष्ट्राचार ख़त्म करना चाहते हैं

20.00 IST: बीबीसी संवाददाता सलमान रावी भी कार्यक्रम शामिल रहेंगे.

19:55 IST: रूपा झा स्टूडियो में हैं और वेबसाइट पर लाइव टेक्स्ट के साथ मैं हूँ वंदना.

19:35 IST: अगर आप इस बहस में हिस्सा लेना चाहते हैं तो फ़ोन कीजिए 1800 11 7000 या 1800 102 7001 पर

19:16 IST: इस बार बहस का विषय है -क्या माओवादी अब आम लोगों को निशाना बना रहे हैं?

19:15 IST: नमस्कार, इंडिया बोल के इस अंक में आपका स्वागत है.

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