मणिपुर: नाकेबंदी ख़त्म नहीं हुई

Image caption अगर ये दो संगठन नाकेबंदी ख़त्म नहीं करते हैं तो समस्या बनी रहेगी

मणिपुर राज्य में एक प्रमुख संगठन ने हालांकि आर्थिक नाकेबंदी ख़त्म करने की घोषणा कर दी है लेकिन यह अभी भी जारी है.

अधिकारियों का कहना है कि नगा स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन (एनएसएफ़) ने हालांकि घोषणा की है कि राज्य को शेष देश से जोड़े वाली सड़क की नाकेबंदी ख़त्म कर देंगे लेकिन यह अभी भी जारी है.

ऑल स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ़ मणिपुर (एएनएसएएम) और यूनाइटेड नगा काउंसिल ऑफ़ मणिपुर (यूएनसीएम) ने कहा है कि वे तब तक आर्थिक नाकेबंदी ख़त्म नहीं करेंगे जब तक सरकार पुलिस कमांडो और अर्धसैनिक बलों को राज्य के नगा आबादी वाले इलाक़ों से हटाती नहीं है.

मणिपुर को भारत से जोड़ने वाले दो राजमार्गों की नाकेबंदी गत 12 अप्रैल से चल रही है.

मंगलवार को एनएसएफ़ ने कहा था कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग की नाकेबंदी अस्थाई रूप से समाप्त कर रहे हैं.

विरोध

ये दोनों संगठन पाँच पहाड़ी ज़िलों में स्वायत्तशासी परिषदों में नए नियमों के तहत चुनाव करवाए जाने का विरोध कर रहे थे. उनका कहना है कि नए नियमों से परिषदों की वित्तीय शक्ति में कटौती की जा रही है.

इन पाँचों ज़िलों में ज़िला परिषदों के चुनाव हो चुके हैं, हालांकि नगा बहुल इलाक़ों में मतदान का प्रतिशत काफ़ी कम रहा.

ये दोनों संस्थाएँ यह भी चाहती हैं कि मणिपुर सरकार इन संगठनों के प्रमुखों डेविड कोरो और सैमसन रेमई के ख़िलाफ़ जारी गिरफ़्तारी वारंट को भी वापस ले.

सरकार ने पिछले ही हफ़्ते इन दोनों नेताओं को अतिवांछित घोषित करते हुए इन पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था.

एनएसएफ़ ने मंगलवार की शाम छह बजे नाकेबंदी ख़त्म करने की घोषणा कर दी थी लेकिन एएनएसएएम ने एक बयान जारी करके कहा है, "जब तक मणिपुर सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती है हम नाकेबंदी ख़त्म नहीं करेंगे."

इस बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि वह नाकेबंदी ख़त्म करवाने के लिए 1500 से 2000 अर्धसैनिक बल मणिपुर भेजेगी.

इस बीच केंद्रीय गृह सचिव जीके पिल्लई स्थिति की समीक्षा के लिए बुधवार को नगालैंड और मणिपुर के मुख्य सचिवों से मुलाक़ात कर रहे हैं.

आश्वासन पर वापसी

नाकेबंदी कर रहे नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) नेताओं ने मंगलवार को बीबीसी से कहा था कि वो राष्ट्रीय राजमार्गों की नाकेबंदी अस्थायी रुप से हटा रहे हैं.

एनएसएफ के अध्यक्ष मुत्सीखोयो योबू ने कहा था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ उनके प्रतिनिधिमंडल की बातचीत के बात नाकेबंदी हटाने का फ़ैसला किया गया है.

योबू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनकी चिंताएं सुनीं और वादा किया कि नगा समस्या का समाधान करने क लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे.

योबू का कहना था कि मणिपुर सरकार को पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को हटाना चाहिए और साथ ही नगालैंड और मणिपुर के बीच नगा लोगों की आवाजाही पर रोक नहीं लगानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि अगर मणिपुर की सरकार प्रधानमंत्री की बात नहीं मानती है तो वो फिर से राष्ट्रीय राजमार्ग 39 और 53 की नाकेबंदी कर देंगे.

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