जसवंत की भाजपा वापसी की तैयारी

जसवंत सिंह
Image caption जसवंत सिंह ने कहा था कि एक किताब की वजह से उन्हें पार्टी में हनुमान से रावण बना दिया गया

अपनी किताब में मोहम्मद अली जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष बताए जाने के बाद भाजपा से निकाल दिए गए वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह को फिर से पार्टी में शामिल करने की तैयारियाँ चल रही है.

पार्टी के नेताओं के अनुसार ये वापसी अगले एक दो दिनों में हो सकती है.

ख़बरें हैं कि जसवंत सिंह की पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी से इस विषय पर चर्चा हो चुकी है.

उल्लेखनीय है कि जसवंत सिंह की किताब 'जिन्ना, भारत, विभाजन, आज़ादी' के प्रकाशित होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था क्योंकि इस किताब में एक तो जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष बताया गया था दूसरे विभाजन के लिए जवाहर लाल नेहरु और सरदार वल्लभ भाई पटेल को भी दोषी ठहराया गया था.

इस विवाद के बाद पिछले साल अगस्त में शिमला में हो रही भाजपा की चिंतन बैठक से पहले जसवंत सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.

केंद्र में विदेश और वित्त मंत्री का पद संभाल चुके और भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में से एक जसवंत सिंह को जिस तरह से पार्टी से निष्कासित किया गया उस पर उन्होंने बहुत आपत्ति जताई थी.

उनके निष्कासन के बाद उन्होंने कई बयान दिए थे जिसने पार्टी के नेताओं को कटघरे में खड़ा किया था.

तैयारी

Image caption विवाद की वजह से किताब की भारत और पाकिस्तान में ख़ूब बिक्री हुई

लेकिन पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब जसवंत सिंह के पार्टी में लौटने की संभावना दिखाई दे रही है.

ख़बरें हैं कि पटना में पिछले हफ़्ते हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी और जसवंत सिंह के बीच मुलाक़ात हुई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने पार्टी सूत्रों के हवाले से कहा है कि जसवंत सिंह चाहते हैं कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में उनकी वापसी हो.

पार्टी में इसे लेकर सहमति बन गई है और संभव है कि एक दो दिनों में जसवंत सिंह की भाजपा में वापसी की घोषणा हो जाए.

पिछले कुछ दिनों से जसवंत सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं.

हाल ही में पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत के निधन के बाद जब लालकृष्ण आडवाणी और जसवंत सिंह एक ही जहाज़ से जयपुर गए तो अटकलें लगाई जा रही थीं कि अब जसवंत सिंह की वापसी हो सकती है.

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