पश्चिम बंगाल में रेड अलर्ट

माओवादी
Image caption माओवादियों के ख़िलाफ़ सुरक्षा बल का अभियान कई राज्यों में पहले से ही चल रहा है

पश्चिम बंगाल के माओवादियों ने शुक्रवार से चार दिनों तक जंगलमहल इलाक़े में 'शहीदी दिवस' मनाने की घोषणा की है इसके बाद राज्य में प्रशासन ने सुरक्षा बलों के लिए रेड अलर्ट घोषित कर दिया है.

माओवादियों ने अपने उन आठ साथियों के सम्मान में 'शहीदी दिवस' मनाने का निर्णय लिया है जिनकी गत बुधवार को जंगलमहल इलाक़े में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में मौत हो गई थी.

इससे पहले माओवादियों ने सप्ताहांत में विरोध दर्ज करने का फ़ैसला किया था लेकिन बाद में माओवादियों के प्रवक्ता खोकन ने कहा कि वे शुक्रवार से सोमवार तक जंगलमहल इलाक़े में 'शहीदी दिवस' मनाएँगे.

राज्य के पुलिस प्रमुख भूपिन्दर सिंह ने बीबीसी को बताया कि राज्य में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है.

सुरक्षा बलों से कहा गया है कि जब वे गश्त पर जाएँ तो सावधानी बरतें.

माओवादियों का समर्थन करने वाले जनसंगठन पीपुल्स कमेटी अगेन्स्ट पुलिस एट्रोसिटी (पीसीपीए) ने 18 जून, शुक्रवार को जंगलमहल इलाक़े में आम हड़ताल का आह्वान किया है.

पीसीपीए का कहना है कि वे 'निर्दोष ग्रामीणों पर पुलिस अत्याचार के ख़िलाफ़' विरोध दर्ज करना चाहते हैं.

जबकि रेलवे ने कहा है कि इस इलाक़े से अगले पाँच दिन रात में कोई ट्रेन नहीं गुज़रेगी.

सीबीआई को तलाश

ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना के पीछे हुई तोड़फोड़ की जाँच कर रही केंद्रीय जाँच एजेंसी (सीबीआई) ने पीसीपीए के तीन कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ आरोप लगाए हैं और उन्हें वांछित घोषित करते हुए उनके बारे में सूचना देने पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया है.

जिन तीन पीसीपीए कार्यकर्ताओं को सीबीआई ने अभियुक्त घोषित किया है उनमें पीसीपीए के प्रवक्ता असित महतो, उमाकांत महतो और मनोज उर्फ़ बापी महतो शामिल हैं.

इस हादसे में 148 लोगों की मौत हुई थी और सौ से अधिक लोग घायल हुए थे.

पुलिस का आरोप है कि इसके पीछे माओवादियों का समर्थन करने वाले संगठन पीसीपीए का हाथ था.

इस हादसे की जाँच बाद में सीबीआई को सौप दी गई थी.

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