सोपोर में फ़ायरिंग, एक और की मौत

प्रदर्शन (फ़ाइल फ़ोटो)

भारत प्रशासित कश्मीर के सोपोर ज़िले में कर्फ़्यू का उल्लंघन कर प्रदर्शन करनेवाली भीड़ पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) ने सोमवार को फिर फ़ायरिंग की है.

इस फ़ायरिंग में एक और शख्स तजामुल अहमद की मौत हो गई है.

दूसरी ओर दिल्ली में सीआरपीएफ़ के महानिदेशक विक्रम श्रीवास्तव ने बीबीसी से बातचीत में भीड़ पर गोली चलाए जाने की बात से साफ़ इनकार किया है.

सोपोर के लोग सीआरपीएफ़ की गोलीबारी को लेकर उत्तेजित हैं और उन्होंने रविवार रात को भी कर्फ़्यू का उल्लंघन किया.

सोमवार को जब लगभग पाँच हज़ार प्रदर्शनकारी पुलिस स्टेशन की ओर मार्च कर रहे थे, उस समय पुलिस ने फ़ायरिंग की.

ग़ौरतलब है कि प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षाबलों की गोलीबारी में जून के महीने में छह लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से चार लोगों की मौत सीआरपीएफ़ की गोलीबारी में हुई है.

इस सिलसिले में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने रविवार रात को बात की थी और उन्होंने केंद्रीय सुरक्षाबलों की गोलीबारी पर चिंता जताई थी.

राज्य सरकार के प्रवक्ता का कहना था कि गृह मंत्री चिदंबरम ने मुख्यमंत्री को राज्य में शांति बहाली के लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है.

इसके पहले रविवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत पर जम्मू-कश्मीर सरकार के क़ानून मंत्री ने नाराज़गी जताई थी.

सोपोर मार्च

दरअसल शुक्रवार को राजधानी श्रीनगर से 50 किलोमीटर उत्तर सोपोर में भारत विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस फ़ायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी और तीन लोग घायल हो गए थे. इसके बाद सोपोर में कर्फ़्यू लगा दिया गया था.

रविवार को कर्फ़्यू के बावजूद लोग प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए और सुरक्षाबलों ने गोलियाँ चलाई. इस गोलीबारी में एक नवयुवक की मौत ही गई.

राज्य के क़ानून मंत्री अली मोहम्मद सागर ने रविवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि सुरक्षाबलों की गोलीबारी न्यायोचित नहीं है.

उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ़ ने मुख्यमंत्री की उस हिदायत को नहीं माना है कि वे एहतियात बरते.

क़ानून मंत्री अली मोहम्मद सागर ने कहना था,''राज्य सरकार चरमपंथियों और अलगाववादियों के राजनीतिक नेतृत्व के ख़िलाफ़ लड़ रही है. लेकिन हम अपने ही लोगों के ख़िलाफ़ नहीं लड़ सकते जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर चुनाव में हिस्सा लिया.''

जम्मू कश्मीर के क़ानून मंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अपील की वे केंद्रीय बलों पर लगाम कसें. उन्होंने गृह मंत्री को राज्य में आकर स्थिति का जायज़ा लेने के लिए भी कहा.

इस बीच हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के दोनों धड़ों ने शुक्रवार को गोलीबारी में दो लोगों की मौत के विरोध में 'सोपोर चलो' का आव्हान किया है.

हुर्रियत कॉन्फ़ेंस के गिलानी धड़े ने 'कश्मीर छोड़ो' के नारे के साथ सोमवार और मंगलवार को प्रदर्शन करने की घोषणा की है.

राज्य प्रशासन ने अगले दो दिन स्कूल कॉलेज बंद रखने की घोषणा की है.

'सोपोर मार्च' को हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के कट्टरपंथी गिलानी गुट और नरमपंथी मीरवाइज़ गुट दोनों का समर्थन हासिल है.

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