लोकायुक्त ने इस्तीफ़ा वापस लिया

संतोष हेगड़े
Image caption हेगड़े अपने पाँच साल के कार्यकाल के चार साल पूरा कर चुके हैं

माइनिंग लॉबी और भ्रष्टाचार के प्रति भाजपा सरकार के रवैये से नाराज़ कर्नाटक के लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने अपना इस्तीफ़ा वापस लेने की घोषणा की है.

उन्होंने कहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के अनुरोध को वे ठुकरा नहीं सके और उन्होंने अपना इस्तीफ़ा वापस लेने की घोषणा की है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि राज्य में अवैध खनन को रोका जाएगा.

राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा और भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी से हुई मुलाक़ात के बाद, उनकी उपस्थिति में ही एक पत्रवार्ता करके उन्होंने इस्तीफ़ा वापस लेने की घोषणा की.

इससे पहले गृहमंत्री पी चिदंबरम ने भी उनसे कहा था कि उन्हें अपना इस्तीफ़ा वापस ले लेना चाहिए वरना इससे कर्नाटक में भ्रष्ट तत्वों को बढ़ावा मिलेगा.

उल्लेखनीय है कि गत 23 जून को एक पत्रवार्ता करके सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने अपना पद छोड़ने की घोषणा की थी और कहा था कि येदुरप्पा सरकार माइनिंग लॉबी और भ्रष्टाचार करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की उनकी अनुशंसाओं को मान नहीं रही है और लोकायुक्त संस्था की उपेक्षा कर रही है इसलिए वे इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

आश्वासन

न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े पिछले चार साल से लोकायुक्त के रुप में काम कर रहे हैं.

पिछले महीने अपने इस्तीफ़े की घोषणा करते हुए कहा था कि सरकार लोकायुक्त के निर्णयों और उसकी सिफ़ारिशों को जिस तरह से नज़र अंदाज़ करती रही है उसमें उन्हें पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं दिखता.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि वे किसी तरह की ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तीफ़ा नहीं दे रहे हैं और वे इस पर क़ायम रहेंगे.

लेकिन वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के एक पत्र के बाद उन्होंने अपना निर्णय बदल लिया.

मुख्यमंत्री येदुरप्पा और भाजपा अध्यक्ष गडकरी की उपस्थिति में कहा, "मुझे आश्वासन दिया गया है कि राज्य में अवैध खनन को रोका जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी चाहे वो जो भी हो."

उन्होंने कहा, "यह आश्वासन सीधे मुख्यमंत्री ने दिया है और वे इस पर भरोसा करते हैं."

यह पूछे जाने पर कि यदि आश्वासन पूरा न हुआ तो वे क्या करेंगे, उन्होंने कहा, "अगर ऐसा न हुआ तो दरवाज़े हमेशा खुले हुए हैं आने के लिए भी और जाने के लिए भी."

न्यायमूर्ति हेगड़े ने कहा है कि वे राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर इस्तीफ़ा वापस ले लेंगे.

उन्होंने अपने इस्तीफ़े में 31 अगस्त के बाद कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया था.

मुख्यमंत्री येदुरप्पा ने कहा कि वे इस बात से ख़ुश हैं कि संतोष हेगड़े अपना इस्तीफ़ा वापस लेने को तैयार हो गए हैं.

न्यायमूर्ति हेगड़े ने लोकायुक्त के रुप में अवैध खनन या माइनिंग के ख़िलाफ़ जो रुख़ अपनाया उससे कई बार सरकार की किरकिरी हुई.

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