बाघों की बीमारी पर सतर्कता

बाघ
Image caption भारत में बाघ सबसे तेजी से लुप्त हो रही प्रजातियों में से एक है

भारत ने साइबेरिया में बाघों की एक रहस्यमय बीमारी से हो रही मौतों के बाद बाघों की आबादी वाले सभी राज्यों को सावधानी बरतने को कहा है.

इस बात का ख्याल रखा जा रहा है कि बीमारी का संक्रमण भारत के बाघों तक न पहुंचे.

भारत में दुनिया के आधे बाघ जंगलों में स्वछंद विचरण करते मिलते हैं लेकिन यह भी सच है कि यहां बाघ जंगली जानवरों की सबसे ज्यादा तेजी से लुप्त हो रही प्रजातियों में से एक है. लिहाजा भारत कोई जोखिम मोल लेने को तैयार नहीं है.

वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने सभी राज्यों को साइबेरिया में बाघों में फैली बीमारी के संदर्भ में सावधानी बरतने को कहा है.

राजस्थान के प्रधान वन संरक्षक आरएन मेहरोत्रा ने बीबीसी से बताया, "हालाँकि हिमालय को लाँघ कर इतनी दूर से बीमारी के यहाँ दस्तक देने की संभावना कम है. मगर हम पूरी एहतियात बरत रहे हैं. इस मामले में कोई जोखिम नहीं ली जा सकती. हम बाघों पर नज़र रखे हुए हैं. इसलिए सभी वन्य अभ्यारण्यों को सचेत कर दिया गया है."

राजस्थान में कोई 40 बाघ हैं. वन्य जीव विशेषज्ञों का कहना है कि हाल में साइबेरिया में कई बाघों को एक अज्ञात बीमारी ने लील लिया है.

इसे लेकर वैज्ञानिक खासे चिंतित हैं और इस रहस्यमय बीमारी का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.

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