विजयशांति की नाटकीय गिरफ़्तारी

विजयशांति की गिरफ़्तारी
Image caption विजयशांति ने भड़काऊ भाषण देने के आरोपों का खंडन किया है

एक नाटकीय घटनाक्रम में हैदराबाद में पुलिस ने तेलंगाना राष्ट्र समिति की सांसद और फ़िल्म अभिनेत्री विजयशांति को भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया.

विजयशांति को पकड़ने के लिए पुलिस दो दिन से प्रयास कर रही थी और उसने शुक्रवार को संसद के घर की दो बार तलाशी भी ली थी.

शनिवार को हैदराबाद की एक सड़क की नाकेबंदी करके 44 वर्षीय विजयशांति को उस समय पकड़ा गया जब वे हैदराबाद से अपने लोकसभा चुनाव क्षेत्र मेढक जा रही थीं.

हालांकि बाद में उन्हें ज़मानत पर रिहा भी कर दिया गया.

इस पूरे हंगामे को तेलंगाना क्षेत्र में होने वाले विधानसभा उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

जेल भेजा

पुलिस के एक बड़े दल ने उनकी कार को रोक कर उस के ड्राईवर को हटा दिया और उसकी जगह पुलिस के एक ड्राईवर ने गाड़ी को अपने नियंत्रण में लेकर विजयशांति को अदालत पहुँचाया.

अदालत ने विजय शांति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में चंचलगुडा की महिला जेल भेज दिया है. बाद में अदालत ने शाम को विजयशांति को ज़मानत पर रिहा करने के आदेश दिए लेकिन नाराज़ सांसद ने जेल से बाहर आने से इनकार कर दिया.

उनकी मांग थी कि पुलिस उनके विरुद्ध दर्ज किए गए मामले को वापस ले क्योंकि वो ग़लत और निराधार हैं.

लेकिन पुलिस का कहना था कि विजयशांति ने 30 जून को हैदराबाद में टीआरएस की एक सभा में भड़काऊ भाषण दिया और तेलंगाना राज्य का विरोध करने वालों की गर्दन उड़ा देने की धमकी दी. लेकिन विजयशांति के कहना है कि उन्होंने कोई ग़लत बात नहीं की और जो कुछ कहा वो तेलंगाना वालों का पुराना नारा है. टीआरएस के दूसरे नेताओं के समझाने-बुझाने पर बाद में विजयशांति ने ज़मानत पर बाहर आना स्वीकार कर लिया.

मामला

इस हंगामे को इस महीने तेलंगाना क्षेत्र के 12 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

टीआरएस के नेताओं ने दूसरे दलों के प्रत्याशियों को धमकाया है कि वो चुनाव के मैदान में न आएँ. मुख्य चुनाव अधिकारी ईवी सुब्बाराव के कहना है कि भड़काऊ भाषण से चुनाव के मॉडल कोड का उल्लंघन होता है और ऐसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. जिस समय विजयशांति को गिरफ़्तार किया गया उसी समय मेढक ज़िले से कांग्रेस के विधायक जयप्रकाश रेड्डी को भी भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ़्तार क्या गया.

उन पर आरोप है कि उन्होंने टीआरएस के नेताओं को धमकियाँ दी थीं. टीआरएस ने अपने एक सांसद को सड़क पर गिरफ़्तार करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि वो इस मामले को जनता की अदालत में ले जाएगी.

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