महंगाई के ख़िलाफ़ संघर्ष का ऐलान

नितिन गडकरी (फ़ाइल)
Image caption नितिन गडकरी ने कार्यकर्ताओं को मंहगाई के ख़िलाफ़ सड़को पर उतरने के लिए कहा.

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने महंगाई के ख़िलाफ़ सड़कों पर संघर्ष का ऐलान किया है. गडकरी रविवार शाम उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. लेकिन साथ ही उन्होंने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को औरंगजेब की औलाद कहकर एक नए विवाद को जन्म भी दे दिया.

गडकरी ने एक ओर तो बीजेपी को एक लोकतांत्रिक पार्टी बताते हुए उसकी राष्ट्रवादी नीतियों की तारीफ़ की वहीं दूसरी ओर उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व को आड़े हाथों लिया.

उनका कहना था कि कांग्रेस पार्टी की ग़लत आर्थिक नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण महंगाई बढ़ रही है. गडकरी ने सवाल किया कि जब देश में बड़ी तादाद में लोग ग़रीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं तो फिर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम क्यों बढ़ाए जा रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि सोमवार को बीजेपी समेत कई राजनीतिक पार्टियों ने महंगाई के ख़िलाफ़ भारत बंद का आह्वान किया है.

गडकरी ने कहा, “मैं आपको ये बताने आया हूं कि सड़क पर लड़ाई लड़िए. अब घर में बैठकर राजनीति नहीं होगी. संघर्ष करना होगा. देश की सुरक्षा करनी होगी. महंगाई का प्रतिकार करना होगा. क्या आत्महत्या करने वाले लाखों किसान हमारे लिए राजनीतिक प्रेरणा का विषय नहीं हो सकते? ''

अमरीका का दबाव

गडकरी ने आरोप लगाया कि भारत सरकार अमरीका के दबाव में पाकिस्तान से बातचीत कर रहा है जबकि पाकिस्तान आतंकवाद के ख़ात्मे का अपना वादा पूरा नहीं कर रहा.

इसी सिलसिले में उन्होंने सवाल पूछा कि अफ़जल गुरु को फांसी क्यों नहीं दी जा रही. गडकरी ने आशंका जताई कि मुंबई हमले के दोषी कसाब को भी फांसी नहीं दी जायेगी.

बोलते-बोलते जोश में गडकरी ने कांग्रेस पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह की राष्ट्रभक्ति पर भी सवाल खड़ा कर दिया, ''आतंकवादियों के गले में मालाएं डाली जा रही हैं और कांग्रेस महासचिव आजमगढ़ में उनके घरों में जाकर दीवाली का जश्न मना रहे हैं. ये किसकी औलाद है. यह छत्रपति शिवाजी और महाराणा प्रताप की है या औरंगजेब की? इसका निर्णय कांग्रेस पार्टी नेतृत्व को करना होगा.''

गडकरी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार लखनऊ आए तो बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राज नाथ सिंह, उपाध्यक्ष कलराज मिश्र, सांसद लालजी टंडन और उत्तरांचल के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी समेत सभी छोटे बड़े नेता उनके स्वागत में मौजूद थे.

ये सभी नेता उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही के बेटे के विवाह समारोह में भी आमंत्रित थे.

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