बिहार में फिर भाजपा-जदयू भिड़ंत

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption बंद के दौरान सरकार में साझीदार दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में नरेंद्र मोदी-नीतीश कुमार को लेकर झड़प हो गई

बिहार की गठबंधन सरकार में साझीदार जनता दल-यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक बार फिर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवाद उभर आया है.

सोमवार को महंगाई विरोधी बंद से जुड़े प्रदर्शन के दौरान पटना के डाकबंगला चौराहे पर इन दोनों दलों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए.

वजह ये थी कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ता नरेंद्र मोदी का पोस्टर लिए हुए बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे थे. यह देखकर जद-यू के कुछ कार्यकर्ता चिढ़ गए.

उस समय अपने पार्टी कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे जद-यू सांसद मोनाज़िर हसन ने कह दिया,''ये लोग बिहार में गुजरात का एजेंडा या विकास का मोदी मॉडल लागू करना चाहते हैं, जबकि यहाँ नीतीश मॉडल या नीतीश का एजेंडा ही चलेगा क्योंकि यहाँ गर्दन काटकर नहीं, भाईचारे के साथ विकास हो रहा है.''

इतना सुनना था कि भाजपा कार्यकर्ता भड़क गए और 'नरेंद्र मोदी ज़िंदाबाद' के नारे लगाते हुए मोनाज़िर हसन के बयान पर भारी रोष ज़ाहिर करने लगे.

नारेबाजी

जवाब में जद-यू कार्यकर्ताओं ने भी 'नीतीश कुमार ज़िंदाबाद' का नारा लगाते हुए भाजपाई जत्थे की तरफ लपक पड़े.

इस तरह दोनों दलों के कार्यकर्त्ता आमने-सामने जब मारपीट की मुद्रा में आ गए तो मौक़े पर मौजूद कुछ लोगों ने हस्तक्षेप करके मामला को ठंडा किया.

फिर भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने वहाँ न सिर्फ मोनाज़िर हसन का पुतला फूंका बल्कि अब ईंट का जवाब पत्थर से देने की धमकी दे डाली.

भागलपुर में भी बंद के दिन इसी तरह नरेंद्र मोदी के पोस्टर से भड़के जद-यू कार्यकर्ताओं और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई.

यानी पटना में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पिछली बैठक के समय जो नीतीश-नरेंद्र मोदी पोस्टर विवाद ने तूल पकड़ा था, उस का असर अभी गया नहीं है.

ताज़ा घटना पर राज्य के सहकारिता मंत्री गिरिराज सिंह का कहना था,''अगर मोनाज़िर हसन को गठबंधन तोड़ लेने में ही फायदा दिखता है तो वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपना यह बहुमूल्य सुझाव मनवा क्यों नहीं लेते हैं.''

ज़ाहिर है कि विधानसभा चुनाव आते-आते इन दोनों दलों की दोस्ती में दरार और बढ़ जाने की आशंका प्रबल होती जा रही है.

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