अब बसपा का धरना-प्रदर्शन

Image caption मायावती ख़ुद इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले रही हैं

सोमवार को जब पूरे देश में विपक्षी दलों ने महंगाई के ख़िलाफ़ बंद का आयोजन किया और जगह-जगह प्रदर्शन किए तब उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी इसमें शामिल नहीं हुई.

उल्टे राज्य सरकार की ओर से धरना प्रदर्शन करने वालों को भारी पुलिस बल लगाकर रोकने का प्रयास किया गया.

लेकिन एक दिन बाद, यानी मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश में महंगाई के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन किया जा रहा है.

हालांकि बसपा ने बंद की कोई घोषणा नहीं की है.

लखनऊ में बड़ी रैली

महंगाई के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को दोषी ठहराते हुए बसपा राज्य भर में धरना प्रदर्शन की घोषणा की है.

पार्टी के पदाधिकारियों के अनुसार हर ज़िले में बसपा इकाइयों की ओर से प्रदर्शन किए जाएँगे और रैलियाँ निकाली जाएँगीं.

सबसे बड़े प्रदर्शन की तैयारी लखनऊ में की गई है.

यहाँ चौक इलाक़े में ज्योतिबा फुले स्टेडियम में एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया है.

पार्टी का कहना है कि इस रैली में एक लाख लोगों को एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है.

इस रैली को पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी संबोधित करेंगे.

पार्टी की अध्यक्ष और राज्य की मुख्यमंत्री मायावती ने अपने आपको इस आयोजन से अलग रखा है.

बंद का असर

सोमवार को महंगाई के ख़िलाफ़ भारत बंद के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया.

सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद में फाफामऊ, बस्ती, नौगढ़, कासगंज, टूंडला और गाजीपुर आदि कई स्थानों पर प्रतीकात्मक विरोधस्वरूप ट्रेनें रोकीं, मगर पुलिस बल ने उन्हें जल्दी ही तितर बितर कर दिया.

विपक्ष के जुलूस प्रदर्शन के कारण कहीं कहीं सड़क यातायात भी बाधित हुआ. लेकिन ज्यादातर स्कूल कॉलेज, आफिस और बाज़ार खुले रहे.

छिटपुट स्थानों को छोड़कर जनजीवन पर विपक्ष की हड़ताल का कोई ख़ास असर नहीं पड़ा.

पुलिस के अनुसार 1068 विपक्षी नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तार किए गए जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया.

पुलिस ने राजधानी लखनऊ में जुलूस निकाल रहे भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया.

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सुबह सुबह ही विधानसभा स्थित पार्टी कार्यालय से जुलूस बनाकर निकले, लेकिन पुलिस ने हल्काबल प्रयोग करके इन्हें रोक लिया.

भाजपा के अरूण जेटली, मुख़्तार अब्बास नक़वी और लालजी टंडन भी सड़क पर प्रदर्शन करने उतरे थे.

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