कश्मीर: पुलिस गोली से एक और मौत

प्रदर्शनकारी और सुरक्षा कर्मी
Image caption कश्मीर में प्रदर्शनकारियों का पथराव करना आम घटना हो चुकी है

भारत प्रशासित राज्य जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में सुरक्षाबलों की गोली से एक और व्यक्ति की मौत हो गई है और एक अन्य घायल हो गया है.

स्थानीय नागरिक मंगलवार को गंगाबग में प्रदर्शन कर रहे थे और वहीं पुलिस से उनकी झड़प हुई.

प्रदर्शनकारियों ने पहले पुलिस पर पथराव करना शुरु किया और बाद में पुलिस ने उनको तितर-बितर करने के लिए गोलियाँ चलाईं.

इस बीच घाटी में अनंतनाग और पुलवामा में कर्फ़्यू जारी है और बाक़ी जगह कर्फ़्यू न होने के बावजूद बंद है और तनाव का माहौल है.

घाटी में कई जगह से हिंसक प्रदर्शनों और पत्थरबाज़ी की ख़बरें आई हैं.

मौत

आरंभिक रिपोर्ट के अनुसार मृतक फ़याज़ अहमद को गोली सिर पर लगी है.

ये प्रदर्शन एक और युवक मुज़फ़्फ़र अहमद की मौत के विरोध में हो रहे थे.

इस युवक की सोमवार की शाम मौत डूबने से हो गई थी. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युवक पुलिस की वजह से डूबा. इस मामले में पुलिस ने कोई बयान नहीं दिया है.

पिछले कुछ हफ़्तों में कश्मीर घाटी या तो कर्फ्यू की वजह से या फिर प्रदर्शनकारियों के विरोध प्रदर्शन की वजह से बंद रही है.

ये प्रदर्शन सुरक्षा बलों की गोलियों से दो युवकों के मारे जाने से शुरु हुए थे लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुए संघर्ष के बाद कई और लोगों की मौत हो गई. जिनकी मौत हुई उनमें से अधिकांश नवयुवक ही थे.

सिर्फ़ जून के महीने में ही 11 लोगों की मौत हुई है.

प्रदर्शन और तनाव

पुलिस के अनुसार अनंतनाग और पुलवामा में कर्फ़्यू जारी है. शेष जगह कर्फ़्यू न होने के बावजूद तनाव है और बंद का माहौल है.

मंगलवार को कुछ प्रदर्शनकारियों ने गोगजीनगर में एक सरकारी एंबेसडर कार को आग लगा दी है.

पटन में पुलिसथाने पर पथराव हुआ है और इसके अलावा श्रीनगर में कई जगह से पथराव की ख़बरें मिली हैं.

इस बीच हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता मीर वाइज़ उमर फ़ारुक़ ने ने राजौरी कदल चौक पर धरना दिया और इसके बाद वे श्रीनगर में दूसरे स्थानों पर धरना दे रहे हैं.

आम तौर पर मीर वाइज़ इस तरह के प्रदर्शनों में शामिल नहीं होते.

भारत प्रशासित कश्मीर में प्रदर्शनों का ये सिलसिला सोपोर में दो युवकों की मौत के बाद शुरु हुआ.

पहले तो इन मौतों के लिए अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ़ को दोषी ठहराया गया था और उसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरु हो गए थे.

यहाँ तक की राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम से बात की थी लेकिन बाद में उन्होंने सुरक्षा बलों की तरफ़दारी करते हुए प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की थी.

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