हेमचंद्र पाण्डे की मौत पर सवाल बरक़रार

Image caption हेमचंद्र पाण्डे को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने श्रद्धांजलि दी

पत्रकार हेमचंद्र पाण्डे का शव मंगलवार को हैदराबाद पहुँचा जहाँ सैंकड़ों पत्रकारों और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.

पाण्डे वरिष्ठ माओवादी नेता आज़ाद के साथ गत शुक्रवार को पुलिस के हाथों मारे गए थे.

आदिलाबाद जिले के बेल्लाम्पल्ली में यह शव उनके परिवार के हवाले कर दिया गया. हेमचंद्र पाण्डे की पत्नी बबिता दिल्ली से हैदराबाद पहुँचीं थीं.

हेमचंद्र पाण्डे के शव को प्रेस क्लब में रखा गया जहाँ बड़ी संख्या में पत्रकार जमा थे.

जिस समय शव को प्रेस क्लब के अन्दर ले जाया जा रहा था, पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की जिस पर उनके और पत्रकारों के बीच खींचातानी हुई और पुलिस को हटना पड़ा.

जहाँ बबिता का कहना है कि पाण्डे एक स्वतंत्र पत्रकार थे और दिल्ली में काम करते थे, पुलिस का कहना है कि वो एक माओवादी थे और गत शुक्रवार को एक झड़प में मारे गए थे.

खुद सीपीआई-माओवादी ने भी एक वक्तव्य में ये कहकर उलझन बढ़ा दी कि पाण्डे उनके संगठन के सदस्य थे.

मौत पर सवाल

बबिता ने कहा कि उनके पास ऐसे प्रमाण हैं कि पाण्डे जिस समय नागपुर जा रहे थे, पुलिस ने उन्हें पकड़ा और बाद में एक फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मार दिया.

इंडियन यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स के महासचिव श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं रह गया है कि हेमचंद्र पाण्डे एक पत्रकार थे और उन्हें पुलिस ने फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारा है.

बबिता ने कहा कि वो उच्य न्यायालय में जल्द ही एक याचिका दाखिल करेंगी और उनके पति की हत्या के जिम्मेवार पुलिस अधिकारयों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करेंगी.

बबिता ने सोमवार को आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री सविता रेड्डी से भी मुलाक़ात की और इस मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की.

सविता रेड्डी ने बबिता का ध्यान माओवादियों के उस वक्तव्य की और खींचा जिसमें उन्होंने हेमचंद्र पाण्डे को एक माओवादी बताया गया है तो इस पर बबिता ने कहा कि वो माओवादिओं के बयान के बारे में कुछ नहीं जानतीं लेकिन वो यह साबित कर सकती हैं कि उनके पति एक पत्रकार थे.

गृह मंत्री ने उन्हें न्यायिक जांच का कोई आश्वासन नहीं दिया. केवल इतना कहा कि वो इस बारे में मुख्यमंत्री से बात करेंगी.

बबिता चाहती थीं कि राज्य सरकार पाण्डे के शव को उनके घर उत्तराँचल तक ले जाने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता दें लेकिन गृहमंत्री ने उसे स्वीकार नहीं किया. बाद में पत्रकारों ने पैसे जमा करके शव को ले जाने की व्यवस्था की.

बबिता ने घोषणा कि हेमचंद्र पाण्डे के शव को वो दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को दान कर देंगी.

माओवादी नेता आज़ाद का अंतिम संस्कार हैदराबाद में रविवार को ही कर दिया गया था जिसमें उनके परिवारजनों के अलावा सैंकड़ों लोग उपस्थित थे.

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