गडकरी ने पूछा अफ़ज़ल कांग्रेस का दामाद है?

नितिन गडकरी

कांग्रेस और अफ़ज़ल गुरु पर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी के बयान से विवाद खड़ा हो गया है.

शुक्रवार को देहरादून में एक रैली में गडकरी ने अफ़ज़ल गुरु को फाँसी देने में हो रही देरी पर कांग्रेस की जमकर आलोचना की और कहा, “क्या अफ़ज़ल गुरु कांग्रेस का दामाद है? कांग्रेस ने अपनी बेटी अफ़ज़ल गुरु को दी हुई है क्या? उसके साथ इतना विशेष बर्ताव क्यों किया जा रहा है.”

दिसंबर 2001 में भारत की संसद पर हुए हमले में अफ़ज़ल गुरु को दोषी पाया गया था.

कांग्रेस ने गडकरी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने इसे अभद्र और बेतुका बयान बताया.

उन्होंने कहा,“ये बात साफ़ है कि भाजपा अध्यक्ष का दिमाग फिर गया है. भाजपा को उन पर तरस खाना चाहिए. गडकरी को मनोवैज्ञानिक मदद की ज़रूरत है.”

गडकरी ने अफ़ज़ल गुरु को फाँसी न देने के लिए कांग्रेस की आलोचना की. उन्होंने कहा, “कांग्रेस ऐसे लोगों से भरी हुई है जो डर जाते हैं. ये लोग आतंकवादियों से नहीं लड़ सकते और न आतंकवाद से निजात दिला सकते हैं. ये पार्टी आतंकवादियों के सामने घुटने टेक देती है.”

मई में लालू यादव पर दिए गए बयान को लेकर भी गडकरी विवाद में रहे थे.

चंडीगढ़ में एक जनसभा में उन्होंने लालू यादव और मुलायम सिंह यादव को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के तलुए चाटने वालों की संज्ञा दी थी.

अफ़ज़ल गुरु मामला

अफ़ज़ल गुरु को फांसी न देने के लिए भाजपा लगातार कांग्रेस की आलोचना करती रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने 2005 में अफ़ज़ल गुरु को फाँसी दिए जाने के फैसले को बरकरार रखा था लेकिन अभी तक उसे सज़ा नहीं मिली है.

चार साल पहले दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार से इस मामले पर राय माँगी गई थी.

अब जाकर दिल्ली सरकार ने लेफ़्टिनेंट गवर्नर तेजिन्दर खन्ना को अपनी राय दी है कि वो फाँसी दिए जाने का समर्थन करती है.

लेकिन साथ ही शीला दीक्षित सरकार ने कहा था कि ऐसा करने से पहले इसके नतीजों पर भी गौ़र करना होगा.

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