महबूबा नहीं शामिल होंगी बैठक में

Image caption कश्मीर में पिछले एक हफ़्ते से काफ़ी तनावपूर्ण माहौल रहा है.

भारतीय कश्मीर में विपक्ष की नेता महबूबा मुफ़्ती ने प्रधानमंत्री के अनुरोध के बावजूद राज्य में सर्वदलीय बैठक में भाग लेने से इंकार किया है.

इस बीच रविवार को घाटी में एक हफ़्ते से जारी कर्फ़्यू को उठा लिया गया है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने महबूबा मुफ़्ती से टेलीफ़ोन पर अनुरोध किया कि वो सोमवार को मुख्यमंत्री उमर अबदुल्लाह की ओर से बुलाई गई बैठक में हिस्सा लें.

महबूबा मुफ़्ती ने श्रीनगर में एक प्रेस कांफ़्रेंस में और फिर बीबीसी से बात करते हुए कहा कि वो प्रधानमंत्री की बहुत इज़्जत करती हैं लेकिन इस बैठक में वो भाग नहीं लेंगी.

उनका कहना था, “अगर हम कश्मीर में सचमुच शांति चाहते हैं तो इसके लिए स्वयं प्रधानमंत्री को कदम उठाने होंगे. हमारी और सत्ताधारी पार्टी की बैठक से ऐसा कुछ नहीं निकलेगा जिसे लोग गंभीरता से लेंगे.”

Image caption महबूबा मुफ़्ती का कहना है कि इस सर्वदलीय बैठक को लोग गंभीरता से नहीं लेंगे.

उनका कहना था कि राज्य सरकार की विश्वसनीयता खो चुकी है और यदि प्रधानमंत्री ने हस्तक्षेप नहीं किया तो कोई असर नहीं दिखेगा.

उन्होंने कहा, “हम किसी ड्रामा का हिस्सा नहीं बनेंगे, कुछ ऐसा करेंगे जिससे ज़मीनी हालात में तब्दीली आए.”

इस बीच लगभग एक हफ़्ते के बाद माहौल में कुछ शांति के बाद पूरी घाटी से कर्फ़्यू उठा लिया गया लेकिन बारामूला, अनंतनाग और पुलवामा समेत घाटी के कुछ हिस्सों में निषेधाज्ञा जारी है.

अधिकारियों का कहना है कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर, जिसमें कुछ लोगों ने नारेबाज़ी की और सुरक्षा बलों पर पथराव किया, स्थिति शांतिपूर्ण रही.

पुलिस महानिदेशक फ़ारूक़ अहमद का कहना था, “घाटी से कर्फ़्यू हटा लिया गया है लेकिन कुछ जगहों पर निषेधाज्ञा जारी है.”

श्रीनगर में मंगलवार को कर्फ़्यू लगाया गया था और बाद में प्रशासन की मदद के लिए सेना को भी बुला लिया गया था.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने राज्य की स्थिति पर बात करने के लिए राज्य की सभी 12 राजनीतिक पार्टियों और संगठनों को सोमवार को आमंत्रित किया है.

संबंधित समाचार