अब फ़ेसबुक में भी गोरेपन का प्रस्ताव

Image caption भारत में गोरेपन के लिए दीवानगी सी दिखती है

भारत में चेहरे की त्वचा की देखभाल के लिए क्रीम बनाने वाली एक कंपनी ने फ़ेसबुक का इस्तेमाल करने वाले लोगों को गोरा बनने के लिए प्रेरित करने के लिए एक विज्ञापन अभियान चलाया है.

'वैसलीन' ने गोरा बनाने वाली क्रीम का प्रचार करने के लिए एक सॉफ़्टवेयर बनाया है जो क्रीम की तर्ज़ पर तस्वीर से पाँच तरह के काले धब्बे दूर करता है.

फ़ेसबुक का इस्तेमाल करने वालों को इस तरह के सॉफ़्टवेयर को डाउनलोड करने को कहा जा रहा है जो कथित तौर पर उनके फोटो से काले धब्बे दूर कर देता है.

भारत में गोरेपन के लिए एक तरह की दीवानगी दिखाई देती है और इसका लाभ यह कंपनी उठाना चाहती है.

इस विज्ञापन अभियान को अमली जामा पहनाने वाली विज्ञापन कंपनी ओमनीकॉन के पकंज परिहार ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि 'वैसलीन मैन क्रीम' को अच्छी सफलता मिली है.

इस समय फ़ेसबुक पर वैसलीन मैन पेज के 500 प्रशंसक हैं, जहाँ उन्हें बनने संवरने के लिए सलाह भी मिलती रहती है.

उदहारण के लिए एक सलाह यह है, "एक या दो दिन के लिए दाढ़ी बढ़ने दें, फिर धूप के चश्मे लगाएँ. ये आपको एक रहस्यमयी और आकर्षक लुक देगा."

लेकिन सभी लोग इस अभियान के पसंद नहीं कर रहे हैं. वर्जीनिया के एंबर रायन लिखते हैं, " काला रंग ही बेहतर है. आपको अच्छा दिखने के लिए क्रीम की ज़रुरत नहीं है."

गोरा बनाने की क्रीम का उद्योग भी भारतीय अर्थव्यवस्था की तरह तेज़ी से बढ़ रहा है और अब ये अरबों रुपये का हो चुका है.

'फ़ेयर एंड लवली' जैसे ज़्यादातर उत्पादन महिलाओं के लिए बनाए जाते रहे हैं लेकिन अब पुरुषों के लिए भी 'फ़ेयर एंड हैंडसम' जैसी क्रीम बिकने लगी है.

दिल्ली में एक प्रसाधन की दुकान चलाने वाले राजीव राज नरुला कहते हैं कि उनके ग्राहकों मे दिल्ली के आसपास के ग्रामीण इलाकों के पुरुष भी शामिल हैं.

वे कहते हैं, "पहले केवल महिलाएं गोरा रंग चाहती थीं पर अब पुरुष भी चाहते हैं कि उनका रंग गोरा हो. शायद ये बॉलीवुड का असर है क्योंकि फिल्मों में हमेशा से ही नायक-नायिकाओं को गोरा दिखाया गया है या शायद ये गोरे रंग का आकर्षण है जो हमें अंग्रेज़ विरासत में दे गए हैं."

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