"मोस्ट वांटेड" चरमपंथी गिरफ्तार

Image caption हैदराबाद पुलिस डेढ़ साल से विक़रुदीन की तलाश कर रही थी.

हैदराबाद पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल करते हुए एक ऐसे चरमपंथी को पकड़ लिया है जिस की उसे गत डेढ़ वर्ष से सख़्त तलाश थी. पुलिस के अनुसार विक़रुद्दीन और उस के छह साथियों को अलग-अलग जगह से पकड़ा गया है.

पुलिस ने कहा की विक़रुद्दीन अहमद 2008 से लेकर अब तक पुलिस वालों पर तीन हमलों में लिप्त है जिन में दो पुलिस कर्मियों की जान भी गई है.

काउंटर इंटेलिजेंस विभाग ने विक़ार को सिकंदराबाद के इलाक़े में एक डॉक्टर मोहम्मद हनीफ़ के घर से गिरफ़्तार किया. उस के जो साथी पकडे गए उन में मोहम्मद हनीफ़, रियाज़ अली खान, सईद और विकार का भाई सुलेमान शामिल हैं जिन्हें हैदराबाद में हिरासत में लिया गया. इस के अलावा घोसे अली और करीम सहिल को नलगोंडा जिले के मिर्यालगुडा तोवन से पकड़ा गया जिन में हैं.

आरोप

पुलिस का कहना है की विक़ार जिन आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं उन में तीन दिसम्बर 2008 को संतोषनगर इलाक़े में पुलिस वालों पर फ़ायरिंग भी शामिल है जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गये थे.

उस के बाद उसने हैदराबाद के फ़लकनुमा इलाक़े में 18 मई 2009 को पुलिस पर गोली चलाई जिसमें एक होम गार्ड मारा गया. मौके पर छोड़े गए एक पत्र में हमला करने वालों ने कहा था की यह मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट और उस के बाद पुलिस फ़ायरिंग का बदला लेने के लिए की गयी कार्रवाई है.

इस के ठीक एक साल बाद यानि इस वर्ष 18 मई को, मक्का मस्जिद विस्फोट की तीसरी वर्ष गांठ पर विकार ने पुलिस पर एक और हमला किया जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल मारा गया.

पुलिस का कहना है की इन तीनों हमलों में एक ही हथियार का उपयोग किया गया था. विक़ार की गिरफ़्तारी को पुलिस काफ़ी अहम मान रही है क्योंकि उससे उन्हें काफ़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है.

उधर भारतीय जनता पार्टी के राज्य अध्यक्ष किशन रेड्डी ने पुलिस को इस गिरफ़्तारी पर बधाई दी है और कहा है की हैदराबाद नगर आईएसआई का गढ़ बन गया है इस लिए सरकार को ऐसे तत्वों के ख़िसाफ़ कड़ी करवाई करना चाहिए.

संबंधित समाचार