रेल दुर्घटना: 62 मारे गए, ट्रैफ़िक फिर बहाल

ट्रेन दुर्घटना का नक़्शा

पहली नज़र में इस दुर्घटना का कारण ग़लत सिग्नल दिया जाना बताया जा रहा है.

पश्चिम बंगाल के सेंथिया स्टेशन पर सोमवार तड़के हुई रेल दुर्घटना में मृतकों की संख्या 62 हो गई है और 50 लोग अस्पताल में भर्ती हैं. दिन भर चले राहत कार्य के बाद क्रेन के ज़रिए क्षतिग्रस्त रेल डिब्बों को पटरी से परे कर दिया गया है और रेल लाइन पर ट्रैफ़िक बहाल कर दिया गया है.

पूरे दिन सेना के जवानों ने स्थानीय प्रशासन और रेलवे के कर्मचारियों के साथ राहत कार्य में लगाया और मेटल कटर के इस्तेमाल से रेल के डिब्बों से घायलों को निकाला गया. मृतकों के शव भी इसी तरह से क्षितग्रस्त डिब्बों से निकाले गए.

ये हादसा तब हुआ जब भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस सेंथिया स्टेशन पर खड़ी थी और माल्दा से आ रही उत्तरबंगा एक्सप्रेस ने पीछे से उसमें टक्कर मारी. ये स्टेशन हावड़ा से लगभग 200 किलोमीटर की दूरी पर है.

हेल्पलाइन नंबर

  • रांची - 0651-2600263/64/65
  • रांची - 0651-2460488, 2461404
  • हटिया - 2400096
  • मूरी - 0652-2444444
  • सेंथिया पुलिस स्टेशन - 03463-262232
  • बीरभूम पुलिस स्टेशन - 03462-255559

फ़िलहाल से स्पष्ट नहीं है दुर्घटना क्यों हुई. हालाँकि रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि रेल दुर्घटना को लेकर उनके मन में कई शंकाएं हैं और वो अधिक जानकारी का इंतज़ार कर रही हैं.

'छेड़छाड़ से दुर्घटनाएँ हो रही हैं'

उधर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विवेक सहाय ने कहा है, "हमें नहीं पता कि ड्राइवर दुर्घटना से पाँच मिनट पहले सचित था लेकिन दुर्घटना के समय क्या हुआ कि ट्रेन इतनी तेज़ गति से जा रही थी. गार्ड पूरी तरह होश में नहीं है और उससे कल पूछताछ होगी. ड्राइवर ए-केटिगरी का था और बहुत ही अनुभवी था."

उन्होंने इस बात का खंडन किया कि रेल दुर्घटनाएँ आए दिन हो रही है. उनका कहना था कि पहले हर साल 300 दुर्घटनाएँ होती थी जबकि पिछला साल का आंकड़ा 157 है.

मुझे दुख है कि अब ज़्यादा रेल दुर्घटनाएँ छेड़छाड़ की वजह से हो रही हैं. इस साल ऐसी पाँच दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं. अब तक कोई रेलवे कर्मचारी ऐसी घटनाओं से संबंधित नहीं पाया गया है. जाँच के बाद ही पता चलेगा कि ताज़ा दुर्घटना के लिए कौन ज़िम्मेदार था - कोई रेलवे कर्मचारी या फिर किसी तरह की छेड़छाड़

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विवेक सहाय

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन का कहना था, "मुझे दुख है कि अब ज़्यादा रेल दुर्घटनाएँ छेड़छाड़ की वजह से हो रही हैं. इस साल ऐसी पाँच दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं. अब तक कोई रेलवे कर्मचारी ऐसी घटनाओं से संबंधित नहीं पाया गया है. जाँच के बाद ही पता चलेगा कि ताज़ा दुर्घटना के लिए कौन ज़िम्मेदार था - कोई रेलवे कर्मचारी या फिर किसी तरह की छेड़छाड़."

क्लिक करें मुझे कई शंकाएं हैं: ममता बनर्जी

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को घटनास्थल पर बताया, "ज़ोर से टक्कर की आवाज सुनी और चारों ओर कोहराम मच गया. कोहराम मच गया."

टक्कर से वनांचल एक्सप्रेस ट्रेन के तीन डिब्बे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए एक डिब्बा तो स्टेशन के ओवरब्रिज तक जा पहुंचा है. ट्रेन का जो डब्बा ओबरब्रिज तक पहुंच गया उसमें सबसे अधिक लोगों की मौत हुई.

वीरभूम ज़िले के ज़िला मजिस्ट्रेट सौमित्र मोहन ने बीबीसी को बताया कि दोपहर तक 52 शव बरामद किए गए थे और सभी घायलों को अस्पताल पहुचाया जा चुका था.

घटनास्थल की तस्वीर

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