आपदा प्रबंधन का काम धीमा:चिदंबरम

सैंथिया स्टेशन पर ट्रेन हादसा

पश्चिम बंगाल में सेंथिया में हुई रेल दुर्घटना के दो दिन बाद गृह मंत्री पी चिदंबरम ने आपदा प्रबंधन के तहत उठाए गए क़दमों पर सवाल उठाए हैं.

दिल्ली में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ( एनडीएमए) के एक कार्यक्रम में चिदंबरम ने रेलवे से आग्रह किया वो ऐसे हादसों की स्थिति में अपनी प्रतिक्रिया व्यवस्था सुधारे.

हालांकि गृह मंत्रालय ने चिदंबरम की टिप्पणी के बाद बयान जारी करके कहा है कि गृह मंत्री ने केवल आपदा प्रबंधन के काम को और कारगर करने की बात की थी और उन्होंने रेल मंत्रालय के कामकाज की आलोचना नहीं की है.

एनडीएमए के कार्यक्रम में गृह मंत्री ने इस बात पर ख़ेद जताया है कि घटनास्थल पर राहत दल देर से पहुँचे.

पी चिदंबरम ने कहा, “मुझे बताया गया है कि पहला राहत दल दुर्घटना के ढाई घंटे बाद निकला और दूसरा दल सात घंटे बाद और उन्हें 220 किलोमीटर गाड़ी चलाकर आना पड़ा."

उनका कहना था, "इसका मतलब है कि हमें आपदा राहत दलों के भेजने में तेज़ी लानी होगी और अपनी क्षमता बढ़ानी होगी. इसके लिए हेलिकॉप्टर या छोटे विमानों के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है.”

गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ( एनडीएमए) ने आग लगने या भूकंप जैसी स्थितियों से निपटने में बहुत मदद की है लेकिन रेल हादसों जैसे हालात में प्रतिक्रिया और तेज़ होनी चाहिए.

पश्चिम बंगाल के सेंथिया स्टेशन पर सोमवार तड़के हुई रेल दुर्घटना में 62 लोग मारे गए थे. राहत दल पहुँचने से पहले स्थानीय लोगों ने घायलों की काफ़ी मदद की.

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