ब्रितानी प्रधानमंत्री का भारत दौरा

डेविड कैमरन (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption कैमरन भारत के साथ अपने संबंधों को और प्रगाढ़ बनाना चाहते हैं

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन मंगलवार देर रात भारत पहुँच गए हैं. मई में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री के रूप में ये उनकी पहली भारत यात्रा है.

यात्रा के दौरान अनेक व्यापार समझौते होने की उम्मीद है जिससे दोनों देशों के रिश्तों को नया आयाम मिलने की उम्मीद है.

दरअसल अंतरराष्ट्रीय राजनीति ने करवट ली है और दुनिया का शक्ति संतुलन बदला है. इस वक्त जहां ब्रिटेन में मंदी का साया है तो दूसरी ओर भारतीय अर्थव्यवस्था तेज़ रफ़्तार से बढ़ रही है.

कैमरन सबसे पहले भारत के सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र बंगलौर पहुँचे हैं. उनके साथ ब्रिटेन के वाणिज्य मंत्री विंस केबल और कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि साथ हैं.

जानकारों के मुताबिक इस दौरे के ज़रिए कैमरन भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा बनाना चाहते हैं.

कई समझौते

उनकी इस यात्रा के दौरान व्यापार संबंधी समझौतों पर बातचीत होने की संभावना है.

बुधवार को कर्नाटक के राज्यपाल से मिलने के बाद प्रधानमंत्री कैमरन इन्फ़ोसिस कंपनी के मुख्यालय जाएंगे जहां इन्फ़ोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति उनका स्वागत करेंगे.

वहां कैमरन मीडिया और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों को भी संबोधित करेंगे.

इसके बाद वो बंगलौर स्थित हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स कंपनी के कार्यालय भी जाएंगे.

कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत के इस दौरे में ब्रिटिश एयरोस्पेस कंपनी, बीएई सिस्टम्स, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर 50 करोड़ पाउंड के सौदे का ऐलान करेगी.

इस सौदे के तहत 57 हॉक ट्रेनर जेट बनाए जाएंगे.

बुधवार शाम को प्रधानमंत्री कैमरन राजधानी दिल्ली के लिए रवाना होंगे जहां भारत के अलग-अलग शहरों का दौरा कर ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉर्ज ओसबोर्न, विदेश मंत्री विलियम हेग, वाणिज्य मंत्री विंस केबल, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन के मंत्री ग्रेगरी बार्कर और विज्ञान और विश्वविद्यालयों के मंत्री डेविड विलेट्स भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो जाएंगे.

गुरूवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कैमरन की भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से औपचारिक मुलाक़ात होगी.

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