कैमरन और मनमोहन सिंह की मुलाक़ात

डेविड कैमरन

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन गुरुवार को भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात करेंगे.

इधर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने डेविड कैमरन के उस बयान पर सफ़ाई दी है जिसमें डेविड कैमरन ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि उसके ज़रिए आतंकवाद को बढ़ावा देने की कार्रवाई को बर्दाशत नहीं किया जाएगा.

डेविड कैमरन ने भारत के दक्षिणी राज्य कर्नाटक की राजधानी बंगलौर में कहा था कि 'ये बर्दाश्त नहीं किया जा सकता कि पाकिस्तान भारत, अफ़गानिस्तान या दुनिया के किसी अन्य हिस्से में आतंकवाद को बढ़ावा दे.’

डेविड कैमरन ने बंगलौर से ही अपने दो दिनों की भारत यात्रा की शुरुआत की थी.

कैमरन के एक प्रवक्ता ने बाद में कहा कि डेविड कैमरन ने पाकिस्तान देश के बारे में टिप्पणी की थी, पाकिस्तानी सरकार के बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा था.

पाकिस्तान को चेतावनी

अपनी विदेश यात्रा के दौरान डेविड कैमरन का ये सबसे ताज़ा चर्चित बयान है.

पिछले सप्ताह अमरीका यात्रा के दौरान उन्होनें ब्रिटेन को अमरीका का ‘कनिष्ठ सहयोगी’ कह दिया था और भारत दौरे से पहले तुर्की में डेविड कैमरन ने फ़लस्तीनी शहर ग़ज़ा को एक ‘क़ैदी शिविर’ की संज्ञा दी थी.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने डेविड कैमरन के बयान का बचाव करते हुए कहा कि वो पाकिस्तान पर आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप नहीं लगा रहे थे बल्कि वो सिर्फ़ पाकिस्तान को इस मुद्दे पर और अधिक काम करने का सलाह दे रहे थे.

कैमरन हमेशा अपने बारे में कहते रहे है कि वो सीधी और साफ़ बात करने वाले व्यक्ति हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ब्रिटेन की छवि को बेहतर करने की कोशिश में जुटे डेविड कैमरन अपनी एक अलग पहचान बना रहे हैं.

पाक प्रतिक्रिया

इधर पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कैमरन के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "हमारा मानना है कि इस तरह की रिपोर्टों को अनावश्यक तवज्जो नहीं दी जानी चाहिए और न ही इससे अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की ज़रूरत है.''

उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भलीभांति जानता है कि पाकिस्तान चरमपंथ से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.

पाकिस्तान के प्रवक्ता ने कहा, "हम इस बात के लिए भी प्रतिबद्ध हैं कि पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधि को संचालित करने के लिए नहीं होने देंगे. इसलिए पाकिस्तान को बेवजह चिंता की ज़रूरत नहीं है."

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