छात्र आएँ, पढ़ाई करें और वापस जाएँ

अमित बरुआ, विलियम हेग, मिल्टन एनकोसी
Image caption ब्रितानी विदेश मंत्री ने भारत-ब्रिटेन संबंधों सहित कई मामलों पर विचार प्रकट किए

ब्रिटेन भारत से आकर वहाँ व्यापार करने वालों और उन छात्रों का स्वागत करता है जो अपनी पढ़ाई पूरी कर स्वदेश लौट जाएँ लेकिन वहाँ आ कर बसने का इरादा रखने वालों को रोकने के उपायों पर गंभीरता से विचार कर रहा है.

भारत की यात्रा पर आए ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने बीबीसी हिंदी प्रमुख अमित बरुआ के साथ एक विशेष बातचीत में कहा कि अप्रवासियों का कोटा निर्धारित करने को लेकर विचार-विमर्श जारी है और इस मामले में गठबंधन सरकार के बीच कोई मतभेद नहीं हैं.

सहयोग की प्रक्रिया जारी रहेगी

विलियम हेग ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि भारत के साथ सहयोग और बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा और आने वाले समय में ब्रिटेन के कुछ अन्य मंत्री भी यहाँ आ कर इस बारे में बात करेंगे.

उनका कहना था कि शिक्षा के क्षेत्र में या विज्ञान के क्षेत्र में बहुत कुछ किया जा सकता है.

उनका कहना था कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की इस यात्रा के दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं जिनमें ब्रिटिश एरोस्पेस (बीएई) के साथ हॉक प्रशिक्षण विमानों का समझौता भी शामिल है.

यह पूछे जाने पर कि क्या ब्रिटेन भारत को एक छठे परमाणु शक्ति वाले देश के तौर पर मान्यता देगा, हेग का कहना था कि यह एक जटिल सवाल है और क्योंकि भारत ने अभी तक परमाणु अप्रसार संधि पर दस्तख़त नहीं किए हैं, इस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है.

दोनों को एक दूसरे की ज़रूरत

यह पूछे जाने पर कि इस समय भारत ब्रिटेन के लिए अधिक उपयोगी है या ब्रिटेन भारत के लिए, ब्रितानी विदेश मंत्री का कहना था कि परस्पर हितों के मामले में दोनों देशों को ही एक दूसरे की ज़रूरत है और दोनों ही एक दूसरे के लिए लाभप्रद हैं.

Image caption विलियम हेग का कहना था कि ब्रिटेन में भारतीय व्यापारियों या कम समय के लिए आने वाले छात्रों का स्वागत है

लश्करे तैबा जैसे संगठनों के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उनका कहना था कि चरमपंथी गतिविधियों से निबटने के मामले में ब्रिटेन पूरी तरह भारत के साथ है और इस तरह की कार्रवाइयों को अनदेखा नहीं कर रहा है.

ब्रिटेन और अमरीका के रिश्ते इस समय किस मोड़ पर हैं, इसके जवाब में ब्रितानी विदेश मंत्री का कहना था कि यह संबंध ठोस हैं लेकिन ब्रिटेन अमरीका का ग़ुलाम नहीं, घनिष्ठ मित्र है.

अफ़ग़ानिस्तान से ब्रितानी सेनाओं की वापसी के मामले पर उन्होंने कहा कि ब्रिटेन चाहता है कि 2014 तक अफ़ग़ान सेनाएँ पूरी तरह देश की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल लें.

अमित बरुआ ने विलियम हेग से पूछा कि क्योंकि बर्मा के सेनाध्यक्ष भी इस समय भारत में हैं क्या ब्रितानी प्रधानमंत्री भारतीय अधिकारियों से अपनी बातचीत में बर्मा का मुद्दा उठाएँगे.

इस पर विलियम हेग का कहना था कि उनका देश बर्मा की स्थिति को लेकर चिंतित है और वहाँ जल्द से जल्द चुनाव होते देखना चाहता है. भारत-ब्रिटेन वार्ता में इस मामले पर भी चर्चा होगी.

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