'कैमरन ने क्षेत्रीय शांति को नुकसान पहुंचाया'

ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बंगलौर में आतंकवाद पर पाकिस्तान संबंधी बयान देकर क्षेत्र में शांति कायम करने की कोशिशों को नुकसान पहुँचाया है.

भारत आए डेविड कैमरन ने बुधवार को बंगलौर में कहा था कि पाकिस्तान के ज़रिए आतंकवाद को बढ़ावा देने की कार्रवाई को बर्दाशत नहीं किया जाएगा.

ब्रितानी अख़बार गार्डियन में छपे लिखे लेख में पाकिस्तानी उच्चायुक्त वाजिद शमसुल हसन ने कैमरन की इस बात के लिए आलोचना की है कि उन्होंने हाल ही में लीक हुए अमरीकी सेना के दस्तावेज़ों पर यकीन किया है.

कुछ दिन पहले अमरीकी सेना के कई हज़ार गुप्त दस्तावेज़ विकीलीक्स पर प्रकाशित किए गए थे जिसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई और तालिबान की बीच सांठगाँठ है.

पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने अपने लेख में कहा है, “भारत में दिया कैमरन का बयान सच्चाई से कोसों दूर है और इसका मकसद पाकिस्तान को ऐसे मुद्दों में उलझाना है जिसके लिए पाकिस्तान अकेला ज़िम्मेदार नहीं है.”

वाजिद शमसुल हसन के मुताबिक ब्रितानी प्रधानमंत्री को ‘आतंक के ख़िलाफ़’ लड़ाई में पाकिस्तान के योगदान और उसकी क़ुर्बानियों को याद रखना चाहिए था.

'मदरसे नहीं प्रशिक्षण केंद्र'

पाकिस्तान के योगदान पर फ़ारसी की एक कहावत का उपयोग करते हुए उन्होंने गार्डियन में लिखा है, “कहावत है कि ख़ुशबू को इत्र बेचने वाले की सिफ़ारिश की ज़रूरत नहीं होती. 2001 के बाद से 2700 से ज़्यादा पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की मौत हो चुकी है और नौ हज़ार गंभीर रूप से घायल हैं. ये संख्या नैटो के हताहत सैनिकों की संख्या से कहीं ज़्यादा है.”

उन्होंने तीखे प्रहार करते हुए लिखा है कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में मदरसों को दुनिया ने वित्तीय सहायता दी और ये मदरसे असल में गोरिल्ला ट्रेनिंग केंद्र थे जहाँ धार्मिक कट्टरवादी लोगों को प्रशिक्षण दिया जाता था.

वे लिखते हैं, “विश्व के लिए आतंकवाद शायद 9/11 के बाद शुरु हुआ लेकिन पाकिस्तान के लिए ये किस्सा तभी शुरु हो गया था जब रूस ने अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़ा किया था. हमें कहा गया था कि इससे दुनिया को ख़तरा है और पाकिस्तान साम्यवाद के ख़िलाफ़ एक मज़बूत दीवार है. हम आज भी उस घटनाक्रम के विनाशकारी और आर्थिक कुप्रभाव झेल रहे हैं.”

वाजिद शमसुल हसन के कहा है कि पाकिस्तान ने उसकी सीमा में सक्रिय विदेशी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कड़े कदम उठाए हैं.

ये पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अगले हफ़्ते पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी ब्रिटेन के दौरे पर जाने वाले हैं

वैसे बुधवार को भारत में पाकिस्तान पर दिए कैमरन के बयान के बाद उनकी प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण जारी किया है.

इस बयान में कहा गया है कि डेविड कैमरन ने पाकिस्तान देश के बारे में टिप्पणी की थी, पाकिस्तानी सरकार के बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा था.

कैमरन ने हाल के दिनों में विदेशी दौरों के दौरान कई बेबाक टिप्पणियाँ दी हैं जिन्हें लेकर विवाद हुआ है.

पिछले हफ़्ते अमरीका गए कैमरन ने कहा था कि 1940 में ब्रिटेन अमरीका का जूनियर पार्टनर या कनिष्ट साझीदार था. तुर्की में उन्होंने ग़ज़ा की तुलना एक क़ैदी शिविर से की थी.

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