उपचुनावों में टीआरएस की भारी जीत

तेलंगाना

तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए टीआरएस के दस विधायकों ने अपनी सीटों से इस्तीफ़े दिए थे

आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र के पांच ज़िलों की 12 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनावों में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को बड़ी जीत हासिल हुई है.

टीआरएस को 12 में से 11 सीटों पर जीत मिली है जबकि एक सीट बीजेपी के खाते में गई है. कांग्रेस को इन उपचुनावों में एक भी सीट नहीं मिली है.

शुक्रवार सुबह वोटों की गिनती शुरू होने के तीन घंटों के अंदर ही स्पष्ट हो गया कि तेलंगाना क्षेत्र में टीआरएस के पक्ष में एक मज़बूत लहर चल रही है.

आंध्र प्रदेश में टीआरएस अलग तेलंगाना राज्य की माँग को मुख्य मुद्दा बनाकर उपचुनाव लड़ी थी.

'तेलंगाना राज्य की माँग'

ये तेलंगाना की जनता का खुला संदेश है कि तेलंगाना राज्य जल्द से जल्द बन जाना चाहिए. कांग्रेस और तेलुगु देशम को इन नतीजों से सबक लेना चाहिए. अब तेलंगाना की जनता को धोखा देने की कोशिश बंद कर देनी चाहिए.

हरीश राव, टीआरएस विधायक

इन उपचुनावों के नतीज़ों से राज्य में कांग्रेस की सरकार को भारी धक्का लगा है. निज़ामाबाद शहरी क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डी श्रीनिवास को हार का सामना करना पड़ा है.

डी श्रीनिवास का मुख्य मुकाबला बीजेपी के उम्मीदवार वाई लक्ष्मीनारायण के साथ था जो 12600 मतों से जीत गए हैं. उन्होंने अलग राज्य की मांग पर टीआरएस का साथ दिया था.

टीआरएस के वरिष्ठ नेता टी हरीश राव रिकॉर्ड 15 हज़ार मतों जीते. टी हरीश राव ने मेडक ज़िले की सिद्दिपेट सीट से चुनाव लड़ा. इस सीट पर कांग्रेस और तेलुगु देशम दोनों ही पार्टियों की ज़मानत ज़ब्त हो गई.

टीआरएस ने धर्मपुरी और चेन्नूर की सीटें भी जीत ली हैं.

अपनी सीट छोड़ने वाले टीडीपी के विधायक रमेश राव इस्तीफ़े के बाद टीआरएस में शामिल हो गये थे और अब उनकी सीट टीडीपी की जगह टीआरएस के हक़ में जाती दिखाई दे रही है.

हज़ारों टीआरएस कार्यकर्ता उत्साहित

जैसे ही जीत की ख़बरें आनी शुरु हुईं टीआरएस के कार्यकर्ता हज़ारों की संख्या में पार्टी कार्यालयों पर ख़ुशी मनाने के लिए जुट गए.

कार्यालयों पर पटाख़ों और आतिशबाज़ी की आवाज़ और ढोल-नगाड़ों के बीच "जय तेलंगाना" और "अब तेलंगाना राज्य को कोई नहीं रोक सकता" जैसे नारे सुनने को मिल रहे थे.

अपनी जीत पर टिप्पणी करते हुए हरीश राव ने कहा, "ये तेलंगाना की जनता का खुला संदेश है की तेलंगाना राज्य जल्द से जल्द बन जाना चाहिए. कांग्रेस और तेलुगु देशम को इन नतीजों से सबक लेना चाहिए. अब तेलंगाना की जनता को धोखा देने की कोशिश बंद कर देनी चाहिए."

जिन 12 सीटों पर आंध्र प्रदेश में उपचुनाव हुए हैं वे हैं - सिरपुर, चेन्नूर, मनचेरियाल, धर्मापुरी, वेमुलावड़ा, निज़ामाबाद शहरी, सिद्दीपेट, कोरूटला, हुज़ूराबाद, सिरसिला. एलारेड्डी और वारंगल.

ग़ौरतलब है कि 12 में से कुल सात सीटों पर उपचुनाव ईवीएम यानि इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के ज़रिए कराए गए थे जबकि पांच सीटों के लिए बैलेट प्रक्रिया का सहारा लिया गया था.

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