कश्मीर में बवाल और बढ़ा

घाटी में कर्फ़्यू
Image caption कश्मीर घाटी में जून महीने के मध्य से ही जनजीवन अस्तव्यस्त पड़ा है

भारत प्रशासित कश्मीर के एक थाने में आग लगने के बाद हुए विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई है और 40 अन्य घायल हैं.

शाम के समय खरिवू के लोगों ने एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी. आग लगने के बाद थाने में रखे विस्फोटकों में धमाका हुआ जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि थाने के बाहर ही पांच लोग मारे गए और थाने के अंदर बहुत लोग थे. अभी पता नहीं चल पाया है कि थाने के भीतर कितने लोग थे.

इस धमाके में घायलों की संख्या फिलहाल 40 बताई जा रही है.

पुलिस सूत्रों ने चार आम नागरिकों के मरने और 20 घायलों की पुष्टि कर दी है.

प्रदर्शन में मौतें

इससे पहले पांपोर में प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस बलों के बीच संघर्ष में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कई घायल हो गए हैं.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर से 13 किलोमीटर दूर पांपोर कस्बे में आज सैकड़ों लोगों ने भारत सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया.

प्रदर्शनकारियों ने सीआरपीएफ़ के जवानों पर पत्थर फेंके जिसके बाद पुलिस बलों ने उन पर गोलियां चलाईं. इसमें दो लोगों की मौत हो गई. जब इन दो लोगों के शव को ले जाया जा रहा था, तब पुलिस ने फिर से गोलियां चलाईं. इसमें एक महिला के सिर में गोली लगी और अस्पताल ले जाते उसकी मौत हो गई. प्रद्शनों के दौरान घायल एक अन्य व्यक्ति की मौत भी अस्पताल में हुई.

पृथकतावादियों के आह्वान पर आज कश्मीर घाटी को बंद रखा गया है. श्रीनगर सहित अन्य कई कस्बों में आज भी कर्फ़्यू जारी है.

इस बीच सरकार ने पृथकतावादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी को बिना शर्त रिहा कर दिया है. वो पिछले छह हफ़्तों से हिरासत में थे.

जनजीवन अस्तव्यस्त

कश्मीर घाटी में पिछले 35 दिनों से कर्फ़्यू लगा हुआ है, जिसमें बीच में सिर्फ़ तीन बार कर्फ़्यू हटाया गया. इस बीच राज्य सरकार ने घाटी के कई हिस्सों में कर्फ़्यू लगाए.

पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों के ऊपर 11 जून से लेकर अब तक की गई फायरिंग में 26 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं. मारे गए लोगों में अधिकतर युवक हैं.

ज़्यादातर मौक़ों पर ऐसा देखा गया है कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शरीर के ऊपरी हिस्सों को निशाना बनाते हैं, जिससे लोगों की मौत होती है.

जून के मध्य से ही पुलिस की गोलीबारी में हुई कई मौतों के कारण कश्मीर घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त है. अलगाववादी गुटों के आह्वान पर पिछले एक महीने से कश्मीर घाटी में बंद है. बड़ी संख्या में व्यवसायी बंद का समर्थन कर रहे हैं.

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