राष्ट्रमंडल खेलों को लेकर हंगामा

Image caption राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अनुसूचित जाति कोष से 745 करोड़ रुपए निकाले गए: आरटीआई.

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए कथित रुप से अनुसूचित जाति-जनजाति कोष से पैसा निकाले जाने के मुद्दे पर राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ और सदन दो बार स्थगित हुआ.

बहुजन समाज पार्टी के नेता सतीश चंद्र मिश्र ने इस मुद्दे पर बहस कराए जाने के लिए प्रश्नकाल को स्थगित करने का प्रस्ताव रखा है.

उनके इस प्रस्ताव का मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और अन्य विपक्षी पार्टियों ने भी समर्थन किया.

हालांकि राज्यसभा के अध्यक्ष हामिद अंसारी ने कहा कि प्रश्नकाल को स्थगित करने कि बजाय ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत इस मुद्दे पर बातचीत की जाए.

हाल ही में सूचना के अधिकार(आरटीआई) के ज़रिए हासिल की गई जानकारियों के तहत ये सामने आया था कि दिल्ली सरकार ने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अनुसूचित जाति और जनजाति कोष के ‘विशिष्ट योजना प्रभाग’(एसपीए) से लगभग 745 करोड़ रुपए निकाले.

इस मुद्दे पर सफ़ाई देते हुए संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कोष का धन राष्ट्रमंडल खेलों के लिए स्थानांतरित नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि इस तरह का स्थानांतरण संभव भी नहीं हैं.

इस मुद्दे को लेकर हंगामे के बीच राज्यसभा को पहले 12 बजे तक और फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. दो बजे संसद की कार्यवाही दोबारा शुरु होने पर बहस के दौरान सरकार ने कहा कि ये आरोप बेहद गंभीर हैं और इनकी जांच में जो भी तथ्य सामने आते हैं उससे संसद के सामने रखा जाएगा.

आरटीआई दाख़िल करने वाले संगठन ‘हाउसिंग एंड लैंड राइट्स नेटवर्क’ (एचआरएलएन) और ‘नेशनल कैंपेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स’ (एनसीडीएचआर) दलितों के अधिकारों के लिए काम करते हैं. इन संगठनों ने आज दिल्ली में एक प्रेसवार्ता कर सरकार से मांग की, कि वो इस मुद्दे पर जल्द से जल्द जबाव दे.

संगठनों की मांग है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए.

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