प्रदर्शनकारियों में सशस्त्र लोग भी: चिदंबरम

पुलिस फ़ायरिंग

भारत प्रशासित कश्मीर में कई हफ़्तों से चल रहे प्रदर्शनों और पुलिस फ़ायरिंग के दौर पर बयान देते हुए गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है उनकी जानकारी के मुताबिक़ सशस्त्र लोग भी प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल हुए थे और सुरक्षाकर्मियों पर गोली चलाई गई थी.

भारत प्रशासित कश्मीर पर लोकसभा में बयान देते हुए चिदंबरम ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है और राज्य सरकार की नीतियों और प्रयासों का अनुमोदन किया है.

ग़ौरतलब है कि अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के कट्टरपंथी गुट के नेता सईद अली शाह गिलानी ने भी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

उधर लोकसभा में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि उनकी पार्टी पूरे मुद्दे पर बहस चाहती है जिसमें सरकार ये भी बताए कि इस अपील के अलावा सरकार वहाँ शांति कायम करने के लिए और क्या क़दम उठा रही है.

'राज्य सरकार से सहमत हैं'

भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम का कहना था, "जून-जुलाई में सुरक्षाकर्मियों पर पथराव की 842 घटनाएँ हुई हैं जिनमें एक हज़ार से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं. ग्यारह जून से लेकर अब तक प्रदर्शनों के दौरान 39 नागरिकों की मृत्यु हुई है."

चिदंबरम ने लोकसभा में कहा, "हमें अफ़सोस है कि हिंसा के इस चक्र में इतने लोगों की जान गई है. मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों से अपील करता हूँ कि वे इस हिंसा के चक्र को ख़त्म करें. मैं माता-पिता से अपील करूँगा कि अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए कृप्या उन्हें इन प्रदर्शनों में शामिल न होने दें."

उमर अब्दुल्ला की सरकार के बारे में गृह मंत्री का कहना था, "जम्मू-कश्मीर की सरकार शांति स्थापित करने के लिए कई राजनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाना चाहती है लेकिन मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए हिंसा बंद होनी चाहिए. उन्हें हमारा पूरा समर्थन हासिल है. जम्मू कश्मीर के लोगों के मुद्दे हमारे अपने लोगों के मुद्दे हैं."

उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर को पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराए गए है.

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