आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष का इस्तीफ़ा

स्टेडियम
Image caption खेल मंत्री ने कहा है कि राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन से संबंधित आरोपों की जाँच कराई जाएगी

नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष अनिल खन्ना ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया गया है और उनकी जगह एके मट्टू को नियुक्त किया गया है.

अनिल खन्ना ने इस्तीफ़ा तब दिया है जब टेनिस स्टेडियम में सिंथेटिक कोर्ट यानी कृत्रिम रबड़ या घास से बने कोर्ट बिछाने का ठेका उनके बेटे की कंपनी को दिए जाने की ख़बरें आई हैं.

उन्होंने पहले अपने इस्तीफ़े की घोषणा अपने सहयोगियों को भेजे एक ईमेल में की. हालाँकि उन्होंने सभी आरोपों का खंडन किया और कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई कंपनी को ठेका दिए जाने से उनका कोई संबंध नहीं है.

नैतिकता बना आधार

राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के सूत्रों के मुताबिक़ अनिल खन्ना ने अपना इस्तीफ़ा नैतिकता के आधार पर दिया है. वे आल इंडिया टेनिस एसोसिएशन के सचिव भी हैं.

राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति की गुरुवार को बैठक से पहले ही अनिल खन्ना ने इस्तीफ़ा दे दिया.

अनिल खन्ना के बेटे आदित्य की कंपनी रीबाउंड एश ने आरके खन्ना टेनिस स्टेडियम में 14 सिंथेटिक कोर्ट लगाए हैं. आदित्य ऑस्ट्रेलियाई कंपनी रीबाउंड एश की भारतीय इकाई के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) हैं.

अनिल खन्ना ने कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई कंपनी रीबाउंड एश को यह ठेका दिलाने में उनकी कोई भूमिका नहीं है.

विपक्षी दलों ने राष्ट्रमंडल खेलों के निर्माण कार्यों और सामान की ख़रीद में वित्तिय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं और ये मामला संसद में भी उठा है.

गुरुवार को राज्यसभा में खेल मंत्री एमएस गिल ने सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि राष्ट्रमंडल खेलों से संबंधित भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच कराई जाएगी.

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