लेह में मृतकों की संख्या 112 हुई

बचाव कार्य
Image caption सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है

पुलिस का कहना है कि लेह में बादल फटने और उसके बाद आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 112 हो गई है.

गुरुवार देर रात कई बादल फटे जिसमें 200 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए हैं. हताहतों की संख्या बढ़ सकती है.

बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ में अनेक इमारतें ढह गईं और सैकड़ों घर पानी में बह गए हैं. पूरे क्षेत्र में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है.

लेह शहर में भी कई जगह पानी भर गया है. करगिल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को भी क्षति पहुँची है.

बाढ़ आने के बाद लेह में संचार सेवा भी प्रभावित हुई थी.

सेना और आईटीबीपी के जवान दिन भर बचाव कार्य में लगे रहे लेकिन रात में बचाव कार्य रोक दिया गया है.

चार सिपाहियों की मौत

कश्मीर ज़ोन के आईजी पुलिस फ़ारुख़ अहमद ने बताया," हमारी पुलिस फ़ोर्स के जवान इस घटना की ख़बर मिलते ही तुरंत बचाव कार्य के लिए निकल पड़े थे. लेकिन हमारे चार सिपाहियों की मौत हो गई जबकि एक इंस्पेक्टर अभी तक लापता है."

उन्होंने ये भी बताया कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह लेह पहुंच चुके हैं.

श्रीनगर में सेना के प्रवक्ता लेफ़्टीनेंट कर्नल जे एर बरार ने बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन को बताया, " बाढ़ से लेह हाईवे पर रोहतांग के पांग गांव से लेकर श्रीनगर हाईवे निम्मू तक के इलाक़े प्रभावित हुए हैं.इन इलाक़ों के बीच 150 किलोमीटर की दूरी है."

लेफ़्टीनेंट कर्नल जे एस बरार ने ये भी बताया कि अब तक 200 से ज़्यादा घायल लोगों को लेह के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है.

क़रीब 2000 लोगों को बचा लिया गया है.

प्रत्यक्षदर्शी की नज़र से

श्रीनगर से लेह के व्यापारी कौसर मखदूम लेह में छुट्टी मनाने के लिए पहुंचे हुए थे लेकिन बाढ़ के कारण वहां फंसे हुए हैं. उन्होंने बीबीसी से फ़ोन पर बातचीत में बताया, "सुबह मैं पुराने बस स्टैंड इलाक़े में गया था और वहां मैंने देखा कि इमारतों को गहरी क्षति पहुंची थी. जब बाढ़ आई तब लोगों के हाथ में जो कुछ भी था उसे लेकर वो ऊंचाई की तरफ़ भागने लगे."

लेह में अस्पताल, बस स्टैंड और बीएसएनएल के दफ़्तरों को बुरी तरह नुकसान पहुँचा है.

थल सेना की छावनी और अर्धसैनिक बल आईटीबीपी के परिसर को भी क्षति पहुँची है.

कश्मीर डिविज़न की आयुक्त नसीमा लंकर ने बीबीसी को बताया था कि लेह में चौगलमसर क्षेत्र में सबसे ज़्यादा क्षति पहुँची है.

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