कश्मीर में ख़ूनख़राबे का सिलसिला ख़त्म हो: मनमोहन

मनमोहन सिंह
Image caption मनमोहन सिंह के इस भाषण को टीवी पर लाइव दिखाया गया

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में कहा कि उन्हें बेहद अफ़सोस है कि हाल की हिंसा में लोगों ने अपने जिगर के टुकड़ों को खोया है और उन्हें प्रभावित लोगों के दुख का एहसास है.

मनमोहन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कश्मीर धीरे धीरे दहशत से बाहर निकल रहा है और हमें एक नई शुरुआत की ज़रूरत है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस भाषण को टीवी पर लाइव दिखाया गया.

मनमोहन सिंह ने नौजवानों से अपील की कि वो स्कूलों और कॉलेजों में वापस जाकर पढ़ाई करें.

उन्होंने कहा कि ख़ूनख़राबे का सिलसिला ख़त्म होना चाहिए ताकि फिर किसी मासूम की जान न जाए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कश्मीर की समस्या का हल राजनीतिक समाधान में है और इसे बातचीत के जरिए हासिल किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि वो इसके लिए तैयार हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सीमाओं में रहते हुए सभी मुद्दों पर चर्चा करने के इच्छुक हैं.

साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षाबल कठिन हालात में काम कर रहे हैं और हमें ऐसे कोई क़दम नहीं उठाने चाहिए जिससे उनका हौसला गिरे.

अमन की अपील

मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि जम्मू कश्मीर पुलिस को क़ानून व्यवस्था की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए.

उन्होंने जम्मू कश्मीर के सभी लोगों से अपील की कि वे अमन को एक और मौक़ा दें.

इस सर्वदलीय बैठक में राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी पीडीपी ने हिस्सा नहीं लिया.

पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने इस बैठक में हिस्सा लेने से यह कहकर इनकार कर दिया है कि यह बैठक प्रधानमंत्री की पहल पर नहीं हो रही, बल्कि राज्य सरकार के नेतृत्व में हुई सर्वदलीय बैठक की कड़ी में ही अगला क़दम है, इसलिए पिछली बैठक की तरह वो इसमें भी हिस्सा नहीं लेंगी.

पैथर्स पार्टी ने उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया था, लेकिन प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए तैयार हो गई.

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में सत्तारुढ़ नेशनल कांफ्रेंस की ओर से फारुक़ अब्दुल्ला, कांग्रेस की ओर से सैफु़द्दीन सोज और सीपीएम की ओर से यूसुफ़ तारागामी शामिल थे.

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