बंगाल में युवती को निर्वस्त्र घुमाने की जाँच

पश्चिम बंगाल
Image caption पश्चिम बंगाल के गाँव की इस घटना पर चार महीने तक पर्दा रहने पर हैरानी जताई जा रही है

पश्चिम बंगाल के महिला आयोग ने एक आदिवासी युवती को सज़ा के तौर पर हज़ारों ग्रामीणों की मौजूदगी में नंगा कर घुमाने और उसकी फ़िल्म उतारने की घटना की जाँच शुरू कर दी है.

पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में स्थित मसरा गाँव में चार महीने पहले घटी इस घटना को प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष मालिनी भट्टाचार्य ने गंभीर घटना बताते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है.

उन्होंने कहा,"हमारी टीम बीरभूम ज़िले के मसरा गाँव का दौरा करेगी और पीड़ित युवती से बात करेगी. हम दोषियों को सज़ा दिलवाना चाहते हैं."

उन्होंने कहा कि जाँच में सबसे पहले ये पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पीड़ित युवती के घर के लोग इतने लंबे समय तक क्यों चुपचाप रहे और कैसे स्थानीय प्रशासन को इस स्तब्ध कर देनेवाली घटना का पता नहीं चला.

मालिनी भट्टाचार्य ने बताया कि बीरभूम के पुलिस अधीक्षक हुमायूँ कबीर को आयोग को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.

पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग ने भी ज़िला पुलिस से एक महीने के भीतर घटना की जाँच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है.

मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष नारायण चंद्र सील ने कहा,"अगर हम इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए तो हम स्वयं जाँच करेंगे और सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे."

घटना

बीरभूम ज़िले में चार महीने पहले 17 वर्ष की एक युवती को तीन गाँवों में लगभग 10 किलोमीटर तक पैदल घुमाया गया.

सारे रास्ते उसके साथ बदसलूकी की गई, मोबाइल फो़न पर उसकी तस्वीर उतारी गई और भारी भीड़ इस घटना को देखकर उत्साह में चीखती रही.

घटना की जानकारी मोबाइल पर लिए गए इस वीडियो (एमएमएस) के सामने आने के बाद आई और तब जाकर पुलिस हरकत में आई.

युवती के साथ छेड़छाड़ करनेवाले छह लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

बताया जा रहा है कि युवती को एक दूसरे समुदाय के लड़के के साथ प्रेम करने के कारण सज़ा के तौर पर नंगा घुमाया गया.

इस घटना को कई लोग सबसे अधिक स्तब्धकारी इसलिए मान रहे हैं क्योंकि इसमें इस इलाक़े के प्रभावशाली लोग और यहाँ तक कि स्कूली छात्र लिप्त थे.

ज़िम्मेदार

पुलिस इस घटना के लिए गाँव के मुखिया के बेटे चंदा मुर्मू को ज़िम्मेदार मान रही है.

उनका कहना है कि युवती को नंगा किए जाने में कथित तौर पर एक स्कूली छात्र सुकुल मद्दी ने भी चंदा मुर्मू का हाथ बँटाया.

मसरा पंचायत पर प्रदेश के सत्ताधारी वामपंथी दल का अधिकार है.

मुखिया मंगल बस्के का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी घटना वाली रात को ही मिल गई थी और उन्होंने अपनी पार्टी (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) को इसकी सूचना दे दी थी.

ये पूछे जाने पर कि उन्होंने पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी, मुखिया ने कहा,"हमपर गाँववालों का दबाव था. मगर मामला जल्दी ही ठंडा पड़ गया और युवती के घरवालों ने भी मुझे कुछ करने के लिए नहीं कहा."

पुलिस ने चंदा मुर्मू समेत छह लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है.

पीड़ित लड़की

पीड़ित लड़की और उसके पिता को सुरक्षा और पूछताछ के लिए रामपुरहाट में पुलिस क्वार्टर में रखा गया है.

स्थानीय सब डिविज़नल ऑफ़िसर बिधान रॉय ने कहा,"हमे युवती को अभी उसके गाँव नहीं जाने दे रहे हैं क्योंकि हमें आशंका है कि गाँववाले फिर उसके साथ बदसलूकी ना करें.

"हमें ये भी आशंका है कि अलग-थलग होने से परेशान होकर कहीं वो अपनी जान लेने की कोशिश ना करे."

बांग्ला फ़िल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री और बीरभूम से तृणमूल कांग्रेस की सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि वे इस घटना से स्तब्ध हैं.

उन्होंने कहा,"मुझे अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा है, एक ऐसे गाँव में ये हुआ जो शहर के बिल्कुल पास है, और सबसे आश्चर्य की बात है कि चार महीने तक घटना पर पर्दा पड़ा रहा.

"निश्चित रूप से पुलिस अनजान बनी रही क्योंकि इस घटना में सत्ताधारी मार्क्सवादी पार्टी के गुंडों का हाथ था."

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