सेना के वाहनों पर चरमपंथियों की फ़ायरिंग

सेना का काफ़िला
Image caption सेना ने कहा चरमपंथियों की खोज हो रही है

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में राजौरी ज़िले के पहाड़ी इलाक़े में बुधवार सुबह चरमपंथियों ने एक ऊँचे स्थान से सेना के तीन वाहनों और आम नागरिकों की एक बस को निशाना बनाया है.

इस घटना में एक महिला मारी गई है और दो सैनिकों समेत दस लोग घायल हो गए हैं.

भारतीय सेना के ब्रिगेडियर सतीश दुआ के अनुसार, "चरमपंथियों ने जम्मू से 180 किलोमीटर दूर राजौरी में सड़क के पास डेरा की गली इलाक़े में फ़ायरिंग की और आम नागरिकों से भरी एक बस और सेना के तीन वाहन इसकी चपेट में आ गए. एक महिला की इस घटना में मौत हो गई और दस अन्य घायल हो गए. सेना के दो जवान भी इस हमले में घायल हुए हैं."

सैन्य अधिकारी ने बताया कि सैनिकों की जवाबी कार्रवाई में गोलियाँ चलाईं और पूरे इलाक़े की घेराबंदी कर ली गई है ताकि चरमपंथियों को पकड़ा जा सके.

ब्रिगेडियर सतीश दुआ का कहना था कि मक्की के खेतों में चरमपंथियों की खोज हो रही है लेकिन खेतों में खड़ी फ़सलों के कारण कुछ दिक्कत पेश आ रही है.

ग़ौरतलब है कि उस इलाक़े में बहुत देर के बाद कोई चरमपंथी गतिविधि हुई है क्योंकि सुरक्षा बलों का कहना था कि उस इलाक़े से चरमपंथियों को भगा दिया गया है.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि उस क्षेत्र में चरमपंथियों ने दोबारा संगठित होना शुरु कर दिया है.

उनका ये भी कहना था कि ज़्यादा चिंता का विषय यह है कि जिस इलाक़े में ये घटना हुई है वह थानामंडी इलाक़े के पास है जहाँ भारतीय सेना की ब्रिगेड तैनात है.

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