कश्मीर में प्रदर्शन, चार की मौत

पथराव करती महिलाएँ
Image caption इस बार महिलाओं ने भी खुलकर प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है

भारत प्रशासित कश्मीर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में चार लोगों की मौत हो गई है. एक व्यक्ति कुपवाड़ा, एक पटन और दो सोपोर में मारे गए हैं.

सोपोर में जुमे की नमाज़ के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शन के दौरान सीआरपीएफ़ की फ़ायरिंग में दो लड़कों की मौत हो गई. एक लड़के का नाम आमिर और दूसरे का सुहेल बताया जा रहा है. दोनों की आयु 18 और 20 के बीच बताई जा रही है.

उधर श्रीनगर में आज क़रीब पांच सप्ताह बाद जामा मस्जिद में जुमे की नमाज़ अदा की गई. उसके बाद मीरवायज़ उमर फ़ारुख़ के नेतृत्व में एक जुलूस निकाला गया, जो शातिपूर्वक ढंग से सपन्न हुआ लेकिन उसके बाद श्रीनगर के नौहट्टा क्षेत्र में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष हुआ जिसके दौरान कम से कम दो व्यक्ति घायल हुए हैं.

कुपवाड़ा और पटन

इससे पहले एक व्यक्ति की मौत सीमावर्ती ज़िले कुपवाड़ा के त्रेगाम शहर में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुई पुलिस फ़ायरिंग के दौरान हुई.

पुलिस का कहना है कि वहाँ कर्फ़्यू लागू था लेकिन कुछ लोग उसका उल्लंघन करके प्रदर्शन कर रहे थे.

उधर श्रीनगर से 27 किलोमीटर उत्तर में पटन में भी कर्फ़्यू का उल्लंघन करके प्रदर्शन करते लोगों पर पुलिस ने गोलियाँ चलाई हैं.

वहाँ चार लोगों के घायल होने की ख़बर थी जिसमें से एक अधेड़ व्यक्ति अली मोहम्मद को गंभीर हालत में श्रीनगर लाया गया था. बाद में अली मोहम्मद की मौत हो गई.

इस बीच वहाँ कई शहरों में अभी भी कर्फ़्यू है जिसमें हंदवाड़ा, बारामूला और पटन मुख्य हैं. राजधानी श्रीनगर के सफ़ाक़दल थाना क्षेत्र में भी कर्फ़्यू जारी है.

कर्फ़्यू जारी

त्रेगाम में मारे गए युवक का नाम मुदस्सिर अहमद है.

पुलिस ने 23 वर्षीय इस युवक की मौत की पुष्टि की है लेकिन ये विवरण अभी नहीं मिले हैं कि किन परिस्थितियों में पुलिस ने गोली चलाई.

भारत प्रशासित कश्मीर में हिंसक प्रदर्शनों के बीच अब तक कुल 33 लोगों की मौत हुई है और सुरक्षा बलों सहित अनेक लोग घायल हुए हैं.

इन प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने कश्मीर के बहुत से इलाक़ों में कर्फ़्यू लगा दिया था.

हिंसा के ताज़ा दौर में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी और पुलिस की इमारतों, रेलवे स्टेशनों और गाड़ियों पर हमले किए और आगजनी की.

लेकिन मामला कुछ शांत होने के बाद आठ जनवरी को कई जगह से कर्फ़्यू हटाने की घोषणा की गई थी.

लगातार हो रही हिंसा के बाद अलगाववादी नेता सैयद शाह गिलानी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दोनों ने शांति की अपील की है. जबकि केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कश्मीरी नेताओं से बातचीत की अपील की है.

संबंधित समाचार