सज्जन को सुप्रीम कोर्ट से राहत

सज्जन कुमार

सज्जन कुमार पर 1984 में सिखों के ख़िलाफ़ दंगे भड़काने का आरोप है

सुप्रीम कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बड़ी राहत देते हुए निचली अदालत में उनके ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे पर रोक लगा दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए दो हफ़्ते के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.

सज्जन कुमार और पांच अन्य अभियुक्तों के ख़िलाफ़ दिल्ली के सुल्तानपुरी और कैंट इलाक़े में एक हिंसक भीड़ का नेतृत्व करने का आरोप है. इस हिंसा में कई सिख मारे गए थे.

सज्जन कुमार दंगे भड़काने के आरोपों का लगातार खंडन करते रहे हैं लेकिन 25 वर्ष बाद भी ये मामले उनका पीछा कर रहे हैं.

वैसे कांग्रेस के एक अन्य नेता जगदीश टाइटलर के ख़िलाफ़ भी इसी तरह के आरोप थे लेकिन हाल ही में सीबीआई ने जगदीश टाइटलर को क्लीन चिट दे दी है जिसे निचली अदालत ने मंज़ूर भी कर लिया है.

याचिका

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उस याचिका को ख़ारिज कर दिया था जिसमें सज्जन कुमार के ख़िलाफ़ निचली अदालत के आरोप तय करने को चुनौती दी गई थी.

सज्जन कुमार के ख़िलाफ़ आपराधिक षडयंत्र, हत्या और अन्य आरोप तय किए थे.

सज्जन कुमार ने इसके बाद अदालत से व्यक्तिगत पेशी में उपस्थित न होने के लिए आवेदन दिया था जिसे चीफ़ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने ख़ारिज कर दिया था और कहा था कि चूंकि उन पर हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं इसलिए उन्हें ऐसी छूट नहीं दी जा सकती.

31 अक्तूबर, 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद नवंबर के पहले हफ़्ते में दिल्ली और आसपास के इलाक़ों में सिखों के ख़िलाफ़ दंगे भड़ग गए थे जिसमें सैकड़ों सिखों की हत्या कर दी गई थी.

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