जूते के पीछे राजनीतिक दल का हाथ?

Image caption इससे उमर अब्दुल्ला विचलित नहीं हुए

भारतीय कश्मीर के अधिकारियों का कहना है कि संभव है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर जूता चलानेवाले पुलिसकर्मी ने एक राजनीतिक दल के कहने पर ऐसा किया हो.

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "आरंभिक पूछताछ के दौरान निलंबित हेड कॉंस्टेबल अब्दुल अहद जान ने कहा है कि एक राजनीतिक पार्टी के नेता ने उससे संपर्क किया था."

पुलिस ने उस राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया है लेकिन कहा है कि जान ने उसी दल के नेता का एंट्री पास लेकर स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रवेश किया था.

इस समारोह में ज़्यादातर भारत समर्थक नेताओं को ही आमंत्रित किया जाता है.

जूता चलानेवाले पुलिसकर्मी को श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

श्रीनगर मेडिकल इंस्टीच्यूट में भर्ती कराए गए पुलिसकर्मी ने पूछताछ के दौरान अपने ऊपर ज़्यादती किए जाने का आरोप लगाया है.

इस पुलिसकर्मी ने श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में समारोह के दौरान वीआईपी दीर्घा से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर जूता फेंका था.

हालाँकि पीछे से फेंका गया ये जूता मुख्यमंत्री को नहीं लगा और मंच के पास गिर गया.

जूता फ़ेंकनेवाले पुलिसकर्मी ने साथ ही कश्मीर की स्वतंत्रता के नारे भी लगाए. सुरक्षाबलों ने तत्काल उस पर काबू पा लिया.

श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशिक बुखारी के अनुसार हमला करनेवाला व्यक्ति अब्दुल अहद जान पुलिस में हेड कॉंस्टेबल है और आजकल निलंबित चल रहा है.

ग़ौरतलब है कि इससे उमर अब्दुल्ला विचलित नहीं हुए और उन्होंने अपना भाषण जारी रखा. यहाँ तक उन्होंने अपनी तक़रीर में इसका भी उल्लेख किया.

उमर अब्दुल्ला की अपील

उमर अब्दुल्ला ने सभी लोगों से अपील की कि रमज़ान के महीने में पत्थरबाजी न करें.

उन्होंने नेताओं से अनुरोध किया कि उनका जो भी एजेंडा है, उस पर काम करें पर लोगों को मुसीबत में न डालें.

बख्शी स्टेडियम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह स्थल में बहुत कम लोग उपस्थित थे. इसमें अधिकतर सुरक्षाकर्मी और सरकारी कर्मचारी थे.

ग़ौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर पृथकतावादियों ने हड़ताल का आह्वान किया था.

उल्लेखनीय है कि शनिवार को भी लगभग पूरी घाटी में कर्फ़्यू के बावजूद अनेक जगहों पर लोगों ने कर्फ़्यू का उल्लंघन कर विरोध प्रदर्शन किए.

कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई और दो लोग मारे गए.

इस तरह घाटी में जून से शुरु हुए प्रदर्शनों में अब तक 57 लोग मारे गए हैं.

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