'खनन से आदिवासियों को ख़तरा'

लंदन में भी वेदांता के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुए थे.

भारत सरकार की एक रिपोर्ट का कहना है कि उड़ीसा में वेदांता कंपनी की खनन गतिविधियों के कारण स्थानीय आदिवासियों का अस्तित्व ख़तरे में पड़ जाएगा.

ब्रिटेन में स्थित इस कंपनी की गिनती भारत की सबसे बड़ी खनन कंपनियों में होती है.

उड़ीसा की नियामगिरि पहाड़ियों में बॉक्साइट की खुदाई के लिए वेदांता कंपनी भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय की हरी झंडी का इंतज़ार कर रही है.

उनका कहना है कि उनकी गतिविधियों से पर्यावरण को कोई ख़तरा नहीं है.

लेकिन भारत के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश के आदेश पर की गई जांच रिपोर्ट के अनुसार खदान के आने से लगभग सत्तर लाख वर्ग किलोमीटर में फैले जंगल बर्बाद हो जाएंगे.

रिपोर्ट के अनुसार इस तबाही से स्थानीय डोंगरिया कोंध जनजाति का अस्तित्व ख़तरे में पड़ जाएगा.

डोंगरिया कोंध आदिवासियों का कहना है कि नियामगिरि पहाड़ियों को वो पवित्र मानते हैं और ये उनकी रोज़ी-रोटी का भी साधन है.

खदान के आने से लगभग सत्तर लाख वर्ग किलोमीटर में फैले जंगल बर्बाद हो जाएंगे और स्थानीय डोंगरिया कोंध जनजाति का अस्तित्व ख़तरे में पड़ जाएगा.

सरकारी रिपोर्ट

रिपोर्ट में ये भी आरोप लगा है कि कंपनी ने स्थानीय अधिकारियों की साठगांठ से अवैध तरीके से जंगल की ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर लिया है और इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार की मंज़ूरी भी नहीं ली गई है.

वेदांता की योजना इस इलाके में बॉक्साइट की खुदाई करके वहीं बने एक रिफ़ाइनरी में उससे अल्यूमीनियम बनाने की है और उनका कहना है कि उससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी.

वेदांता राजस्थान मे तेल और गैस उत्पादन से जुड़ी ब्रिटिश कंपनी केन एनर्जी में मालिकाना हक़ के लिए दस अरब डॉलर तक की कीमत अदा करने को तैयार है.

केन इंडिया राजस्थान में हर दिन एक लाख 25 हज़ार बैरल तेल निकालती है और भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनियों में से एक है.

वेदांता का कहना है कि वो इसे दोगुना कर सकते हैं यदि केन इंडिया के 51 से 61 प्रतिशत तक के शेयर खरीदने के उनके प्रस्ताव को मंज़ूरी मिल जाती है.

यदि ऐसा होता है तो वेदांता भारत का एक चौथाई तेल उत्पादन उनके हिस्से में आ जाएगा और अंदाज़ा है कि ये भी काफ़ी विवादास्पद होगा.

साल 2009 में ब्रिटेन की सरकार ने कहा था कि वेदांता अपने खदान साइट के पास रहने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा करने में असफल रहा है.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.