हाथी भारी हाथ पर...?

राजनीतिक दलों के नेता
Image caption एडीआर के मुताबिक जानकारी दलों के आय के आधिकारिक ब्यौरे पर आधारित है

कांग्रेस पार्टी देश की सबसे 'रईस' पार्टी है और अगर कांग्रेस को छोड़ दिया जाए तो मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 'रईस' बनने की रेस में सबसे आगे दौड़ रही है.

ये कहना है एसोसिएशन फॉर डोमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) का जो क़रीब 1200 स्वयंसेवी संस्थाओं का एक समूह है.

एडीआर ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों के आधार पर ये जानकारी जारी की है.

राजनीतिक दलों ने आयकर विभाग में अपने रिटर्न भरने के दौरान ये दस्तावेज़ 2002 से 2010 के बीच दायर किए हैं.

एडीआर के मुताबिक इन दस्तावेज़ों के आकलन से पता चलता है कि जहां तक राजनीतिक दलों की संपत्ति में विस्तार की दर का सवाल है बसपा सबसे आगे है.

बसपा आगे

कुल संपत्ति अर्जित करने की वार्षिक दर देखी जाए तो बसपा की विकास दर 59 प्रतिशत है जबकि एनसीपी की 51 और सपा की 44 प्रतिशत.

एडीआर के आकलन बताते हैं कि 2009 से 2010 के बीच कांग्रेस की आय 497 करोड़ रुपए है जबकि भाजपा की 220 करोड़.

सीपीआई की आय एक करोड़ रुपए है लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल की आय महज़ चार करोड़ रुपए है.

एडीआर के राष्ट्रीय संयोजक अनिल बैरवाल का कहना है, "ये आंकड़े तो सिर्फ़ एक झलक हैं. राजनीतिक दलों की असली संपत्ति का सही अंदाज़ा तो चुनाव के वक़्त हुए उन ख़र्चों से लगता है जो आप अपनी आंखों से दिखे सकते हैं."

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