सोलह ट्रक बरामद, बाक़ी की तलाश जारी

ट्रक
Image caption सोलह ट्रक तो मिल गए हैं. पुलिस को एक विस्फोटक कारोबारी की तलाश है.

राजस्थान में भीलवाड़ा पुलिस ने शनिवार को उन 16 ट्रकों को अपने कब्ज़े में ले लिया है जो कथित रूप से धोलपुर की 'राजस्थान एक्सप्लोसिव फैक्ट्री’ से विस्फोटक लेकर मध्य प्रदेश के सागर के लिए रवाना हुए थे लेकिन कभी अपने गंतव्य पर नहीं पहुंचे.

ये ट्रक उन 60 ट्रकों का हिस्सा थे, जो धोलपुर से बारस्ता सागर बीच में ही गायब हो गए थे.

मध्य प्रदेश पुलिस इस बारे में एक विस्फोटक कारोबारी जयकिशन आसवानी और भीलवाड़ा के शिवचरण हेडा और उनकी पत्नी दीपा को तलाश कर रही है.

आसवानी ने ही ये 300 मेट्रिक टन विस्फोटक अपनी फर्म ‘गणेश एक्सप्लोसिव’ के लिए हासिल किया था. भीलवाड़ा पुलिस ने शनिवार को हेडा के ठिकानो की तलाशी ली और एक गोदाम पर इन ट्रको को खड़े पाया.

भीलवाडा के पुलिस अधीक्षक उमेश दत्ता ने कहा, ''हमने हेडा के घर और ठिकानों पर तलाशी ली है. वहां ये ट्रक खड़े पाए गए, इन ट्रकों का इस्तेमाल धोलपुर से विस्फोटक ढोने में किया गया था, पुलिस को हेडा और उनकी पत्नी की भी तलाश है.”

ट्रकों का रहस्य

पुलिस का मानना है कि इन 60 ट्रकों में से 26 ने भीलवाडा का रुख किया और उन्हें हेडा दम्पति की व्यापारिक फ़र्म बीएम एक्सप्लोसिव ले जाया गया.

इससे पहले मध्य प्रदेश पुलिस ने हेडा के मध्य प्रदेश में एक ठिकाने से चार ट्रक ज़ब्त किये थे. ये ट्रक विस्फोटक ढोने के लिए ख़ासतौर पर बनाये गए थे.

पुलिस के मुताबिक आसवानी ने इस साल अप्रैल और जून के बीच धौलपुर से गणेश एक्सप्लोसिव के नाम से ये विस्फोटक हासिल किए और ट्रकों में भरकर सागर के लिए रवाना किए.

लेकिन ये ट्रक अपने मुकाम तक नहीं पहुंचे. धोलपुर फैक्ट्री के प्रबंधन का कहना है कि उसने सब कुछ नियमानुसार किया है. इसीबीच जानकारी मिली कि जिस फ़र्म के नाम विस्फोटक स्वीकृत किए गए, उसका लाइसेंस पहले ही ख़त्म हो चुका था.

सागर पुलिस ने भीलवाडा ,गुजरात और महाराष्ट्र में हेडा दम्पति को हिरासत में लेने के लिए कई टीमें भेजीं लेकिन उनका कोई पता नहीं चला.

महाराष्ट्र के अहमदनगर में शिवचरण हेडा अजय एक्सप्लोसिव के नाम से विस्फोटक कारोबार करता है. ये विस्फोटक खनन कार्य के लिए हासिल किये गए थे लेकिन पुलिस को डर है कि ये कहीं ऐसे गुटों के हाथ ना लग जाए जो चरमपंथी गतिविधिओ में लिप्त हों.

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