कांग्रेस-मार्क्सवादी झड़प में चार की मौत

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ वाम मोर्चा और विपक्षी कांग्रेस-तृणमूल गठबंधन के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें दिन ब दिन बढ़ती जा रहीं हैं.

पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद ज़िले में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और विपक्षी दल कांग्रेस के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प में पुलिस के मुताबिक़ चार लोगों की मौत हो गई है.

पुलिस के अनुसार सोमवार की सुबह हुई झड़प में अभी कई लोग लापता हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है.

रविवार को मुर्शीदाबाद ज़िले के घुसुपूरा में स्थित एक स्थानीय स्कूल के गवर्निंग काउंसिल के चुनाव के दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच लड़ाई हुई.

सोमवार को इसने और हिंसक रुप उस समय ले लिया जब कांग्रेस समर्थकों ने मार्क्सवादी समर्थकों पर देसी बम, तलवार, भाले और बंदूक़ों से हमला कर दिया. कई घरों को जला दिया गया.

'पुलिस मूक दर्शक बनी रही'

मार्क्सवादियों ने भी क़रीब के एक गांव पर हमला कर कई घरों को आग लगा दी. इलाक़े के लोगों का कहना है कि पुलिस ने इसको रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया और वो मूक दर्शक बनी रही.

लेकिन पुलिस का कहना है कि हथियारों से लैस दोनों दलों के समर्थकों की भारी संख्या के सामने उनकी तादाद बहुत कम थी इसलिए वे इसे रोकने में असमर्थ थे.

एक चश्मदीद इदरीस अली शेख़ का कहना है कि दोनों गुटों ने एक दूसरे पर बम फेंके, गोलियां चलाई और अभी भी कई लाशें खेतों में पड़ी हैं और उन्हें निकाला जाना बाक़ी है.

अब तक चार शवों को बरामद किया जा चुका है और ग्यारह लोग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

बढ़ती हिंसा

अगले साल होने वाले विधान सभा चुनावों से पहले सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थकों और विपक्षी दल ख़ासकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच पूरे राज्य में हिंसक झड़पें तेज़ हो गई हैं

कांग्रेस और तृणमूल गठबंधन को लगता है कि इस बार के विधान सभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में पिछले तीन दशकों से सत्ता पर क़ाबिज़ वाम दलों को उखाड़ फेंकने का उनके पास बेहतरीन मौक़ा है.

पश्चिम बंगाल में पिछले 14 महिनों में होने वाले संसदीय चुनाव, पंचायत और नगर निगम के चुनाव में वाम दलों को भारी झटका लगा है और उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा है.

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