नक़ल करते पकड़े गए पांचों जज निलंबित

जज निलंबित
Image caption अगर जज नक़ल करते पकड़े जाएं तो भला आम आदमी इंसाफ़ की उम्मीद किससे करेगा.

आंध्रप्रदेश के वारंगल में एक परीक्षा के दौरान नक़ल करते पकड़े गए पांच जजों को आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय ने निलंबित कर दिया है.

निलंबित किए गए पांचों जज 24 अगस्त को वारंगल के काकातिया विश्व विधालय में एलएलएम की परीक्षा देते समय नक़ल करते पकड़े गए थे.

वारंगल विश्व विधालय के आर्ट एंड साइंस कॉलेज में चल रही एलएलएम की परीक्षा के दौरान फ़लाईंग स्कायड ने कुल आठ लोगों को नक़ल करते हुए पकड़ा था जिनमें पांच जज थे.

परीक्षा के दौरान जब उन्हें नक़ल करने से रोका गया तो उन्होंने पद का रौब दिखाते हुए फ़लाईंग स्कायड को डराना धमकाना शुरू कर दिया, इसके बावजूद फलाईंग स्कायड ने उनलोंगों के ख़िलाफ़ शिकायत कर दी.

उनके पास से किताबें और नक़ल करने के लिए काग़ज़ात बरामद हुए थे.

नक़ल करते जज

विश्व विधालय से प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद उच्च न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन जजों को निलंबित करने का फ़ैसला किया.

निलंबित किये गए जजों में वारंगल के सीनियर ज़िला जज के हनुमंत राव, बापतला के सीनियर सिविल जज श्रीनिवास चारी, रंगारेड्डी ज़िले के सेकेंड सिविल जज विजेन्द्र रेड्डी, सीनियर सिविल जज अजीत सिंह राव और अनंतपुर के सीनियर सिविल जज एम कृष्णप्पा शामिल हैं.

इनके अलावा बाक़ी जो तीन लोग पकड़े गए हैं वो भी कोर्ट के ही कर्मचारी है. इन लोगों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है.

स्कूलों, कालेजों या विश्व विधालयों की परीक्षा में छात्र छात्राएं नक़ल करते हैं और पकड़े भी जाते हैं लेकिन ये शायद पहला ऐसा मौक़ा है जब जजों को नक़ल करते हुए पकड़ा गया हो.

वकीलों के संगठनों ने भी इस घटना की घोर निंदा की है.

वारंगल ज़िला बार एसोसियेशन ने इसे शर्मनाक घटना बताते हुए सरकार से जजों के ख़िलाफ़ आंध्रप्रदेश पब्लिक इक्ज़ामिनेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की अपील की है.

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