‘भारत से अलग नहीं होना चाहते’

फ़ारुक़ अब्दुल्ला
Image caption अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर में दिल और दिमाग़ जीतने के लिए दिल खोलने की ज़रुरत है.

लोकसभा में कश्मीर के मसले पर बहस में हिस्सा लेते हुए भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा है कि कश्मीरी भारत से अलग नहीं होना चाहते.

अब्दुल्ला ने कहा, “हम भारत से अलग नहीं होना चाहते, कोई भी भारत से अलग नहीं होना चाहता. जो ऐसा चाहते हैं वो नहीं जानते दूसरी तरफ़ क्या है, उन्हें लगता है कि दूसरी तरफ़ सब ठीक-ठाक है.”

फ़ारूक़ अब्दुल्ला वर्तमान यूपीए सरकार में नवीन और अक्षय ऊर्जा मंत्री भी हैं.

उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों का दिल और दिमाग़ जीतने के लिए ‘हमें अपने दिल खोलने होंगे.’

अब्दुल्ला ने कहा, “हम भारत के भीतर ही कश्मीर समस्या का समाधान चाहते हैं, न कि पाकिस्तान, चीन या अमरीका के साथ. इसलिए अगर समाधान खोजना है तो मिलकर बैठना होगा, न कि संविधान की धारा 370 को हटाए जाने जैसे क़दम उठाने होंगे.”

उन्होंने कहा कि कोई अगर ये सोचता है कि 370 के हटने से भारत की बेहतरी होगी, तो उसे मालूम होना चाहिए कि जब तक आप लोगों के दिल और दिमाग़ नहीं जीतते तब तक भारत की बेहतरी नहीं होगी.

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता मुरली मनोहर जोशी ने लोकसभा में कहा कि स्वायत्तता या आज़ादी से कश्मीर समस्या का हल नहीं हो सकता.

इसके जवाब में फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा, “भारत में एक न एक दिन सच्चा संघीय ढांचा बनाना होगा. अगर केंद्र को मज़बूत बनाना है तो राज्य को भी मज़बूत बनाना होगा.”

कश्मीर के मुद्दे पर लोकसभा में शुक्रवार को भी बहस जारी रहेगी.

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