भीड़ नियंत्रण के कम ख़तरनाक तरीके अपनाएँ: मनमोहन

मनमोहन सिंह
Image caption मनमोहन सिंह ने राज्य पुलिस में रिक्त स्थानों को पारदर्शी नीति के तहत भरने पर भी ज़ोर दिया

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत प्रशासित कश्मीर में प्रदर्शनकारियों का सामना करने के लिए पुलिस से ऐसे तरीके अपनाने को कहा है जो कारगर हों लेकिन जानलेवा न हों.

उन्होंने गृह मंत्री पी चिदंबरम से एक उच्चस्तरीय टास्क फ़ोर्स का गठन करने को कहा है जो दो-तीन महीनें में इस बारे में सिफ़ारिशें दे.

दिल्ली में राज्यों के पुलिस प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने ये विचार रखे हैं.

उनका कहना था, "अन्य देशों में कुछ ऐसी प्रणालियाँ अपनाई गई हैं जिससे विभिन्न स्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया अलग होती है. इसका अध्ययन होना चाहिए कि रेपिड एक्शन फ़ोर्स ने भीड़ नियंत्रण में ऐसे तरीकों का सफलता कैसे इस्तेमाल किया है जो जनालेवा नहीं हैं."

उन्होंने कहा कि भारत में वर्ष 2009 के बाद से आंतरिक्ष सुरक्षा को पैदा होने वाली चुनौतियाँ अलग-अलग स्वरूप लिए फिर पैदा हो गई हैं.

और पेचीदा हुई स्थिति

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ज़ोर देकर कहा, "भारत में हाल में कट्टरपंथी संगठनों, वामपंथी उग्रवादियों और कई ग़ैर-सरकारी लोगों की वजह से सुरक्षा का मुद्दा और पेचीदा हो गया है. सामाजिक तनाव, धार्मिक झगड़े, अमीर-ग़रीब के बीच खाई, क्षेत्रीय, भाषाई और जातीय भिन्नता कारगर क़ानून व्यवस्था के लिए हमेशा से बड़ी चुनौतियाँ रही हैं."

नक्सलवाद का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे भारत के अपने लोग हैं और सरकार उनके साथ बातचीत के लिए तैयार है बशर्ते वे हिंसा त्याग दें.

मनमोहन सिंह ने आश्वासन दिया कि सरकार नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाक़ो की प्रगति के बारे में विशेष क़दम उठाने के बारे में प्रतिबद्ध है.

उन्होंने पुलिस प्रमुखों से पुलिस में भर्ती के बारे में भी विशेष ध्यान देने को कहा.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना था, "ऐसा प्रतीत होता है सामान्य पुलिस में भर्ती उतने कारगर तरीके से नहीं हो रही है जैसी होनी चाहिए. बहुत सारे स्थान रिक्त पड़े हैं. गृह मंत्रालय ने इस बारे में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं लेकिन अधिकतर राज्यों ने अभी इन्हें अपनाना है. पदोन्नति पर भी ध्यान देने की ज़रूरत है और तरजीह उन अधिकारियों को मिलनी चाहिए जो उग्रवाद प्रभावित ज़िलों में सफलतापूर्वक काम करके आते हैं."

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